चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बीजिंग में एक बहुत बड़ी बैठक हुई. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने अपनी दोस्ती को पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत बताया. दुनिया भर में चल रहे युद्धों को रोकने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर चर्चा की गई, जिससे वैश्विक राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है.
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पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात में क्या खास बातें हुईं?
बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में पुतिन का शानदार स्वागत किया गया. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस और चीन के रिश्ते अब एक ऐसे स्तर पर पहुँच गए हैं जो पहले कभी नहीं था. उन्होंने बताया कि दुनिया में भारी तनाव होने के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते लगातार बढ़ रहे हैं. पुतिन ने शी जिनपिंग को अगले साल रूस आने का न्योता भी दिया. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने ‘गुड-नेबरलीनेस और फ्रेंडली कोओपरेशन’ संधि को आगे बढ़ाने पर अपनी सहमति जताई.
मिडिल ईस्ट और ग्लोबल झगड़ों पर क्या चेतावनी दी गई?
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूरी दुनिया में चल रहे विवादों और युद्धों को कम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब हर तरफ युद्ध रोकने और बातचीत शुरू करने की सख्त ज़रूरत है. शी जिनपिंग ने खास तौर पर मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यहाँ तनाव और बढ़ा तो इलाके में अस्थिरता और ज़्यादा फैल जाएगी, जो किसी के हित में नहीं है.
चीन और रूस के बीच व्यापार और तालमेल का क्या हाल है?
- रूस से चीन को होने वाला एनर्जी एक्सपोर्ट यानी तेल और गैस की सप्लाई लगातार बढ़ रही है.
- पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद भी रूस की अर्थव्यवस्था को चीन के साथ इस व्यापार से बड़ा सहारा मिला है.
- बीजिंग को इस तालमेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मज़बूत करने में मदद मिल रही है.
- दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और रणनीतिक तालमेल पहले से ज़्यादा गहरा हुआ है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुतिन और शी जिनपिंग की बैठक कब और कहाँ हुई?
यह उच्च स्तरीय बैठक 20 मई 2026 को चीन की राजधानी बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में आयोजित की गई थी.
शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट के बारे में क्या कहा?
शी जिनपिंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना खतरनाक है और इससे अस्थिरता बढ़ेगी, इसलिए उन्होंने तुरंत युद्धविराम और बातचीत की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
