रूस ने खाड़ी देशों पर हमलों को तुरंत रोकने की उठाई मांग, सऊदी और कतर में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
रूस ने खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में बढ़ते तनाव और हमलों पर कड़ी चिंता जताई है। 30 मार्च 2026 को रूस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। हाल ही में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस और कतर में हुए मिसाइल हमलों के बाद रूस का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस के अधिकारियों ने इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बातचीत शुरू कर दी है।
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रूस ने क्यों की हमलों को रोकने की मांग?
रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियां आतंकवाद के लिए रास्ता खोल रही हैं। रूसी प्रतिनिधि Vladimir Safronkov का मानना है कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से इस क्षेत्र में अशांति फैली है। रूस ने चेतावनी दी है कि अगर ये हमले नहीं रुके तो इसका सीधा असर गाज़ा और मध्य पूर्व की शांति प्रक्रिया पर पड़ेगा। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से इस विवाद को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव लाने की अपील भी की है। रूस ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के लिए वाशिंगटन और तेल अवीव को अपने सैन्य कदम पीछे खींचने होंगे।
हाल के दिनों में हुए बड़े हमले और मुख्य जानकारी
खाड़ी क्षेत्र में पिछले कुछ हफ़्तों में कई गंभीर घटनाएं घटी हैं जिनसे रूस की चिंता बढ़ गई है। इन हमलों का असर वहां रहने वाले लोगों और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। मुख्य घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| तारीख | घटना का विवरण |
|---|---|
| 28 मार्च 2026 | सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर हमला हुआ जिसमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। |
| 9 मार्च 2026 | कतर ने अपनी सीमा की ओर आ रहे ईरानी मिसाइल हमलों को बीच में ही रोक दिया। |
| 24 मार्च 2026 | रूस ने GCC देशों की संप्रभुता का समर्थन किया और नागरिकों पर हमलों की निंदा की। |
| 5 मार्च 2026 | Sergey Lavrov ने हमलों को तुरंत रोकने और शांति बहाली के लिए सुरक्षा परिषद को पत्र लिखा। |
रूस का कहना है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता पूरे विश्व के लिए जरूरी है। इन देशों में बड़ी संख्या में प्रवासी भी रहते हैं जिनके लिए यह तनाव चिंता का विषय बना हुआ है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश भी की है ताकि क्षेत्र में फिर से शांति स्थापित की जा सके।




