सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में 26 मार्च 2026 को बड़ी सैन्य कार्रवाई देखी गई। यहाँ सऊदी रक्षा बलों ने मात्र 12 घंटों के अंदर 36 ड्रोनों को मार गिराया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि की और बताया कि इन हमलों को आबादी वाले इलाकों तक पहुँचने से पहले ही नाकाम कर दिया गया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और इसे अपने एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा बताया है।

ℹ️: US Central Command का ईरान पर बड़ा एक्शन, 90% मिसाइल और ड्रोन ठिकाने तबाह, खाड़ी में तनाव बढ़ा

सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी है?

मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने आधिकारिक बयान में बताया कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के ड्रोनों को सफलतापूर्वक ट्रैक किया और उन्हें नष्ट कर दिया। मंत्रालय के मुताबिक, इन ड्रोनों का मकसद ऊर्जा केंद्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाना था। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे प्रभावित इलाकों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध मलबे को न छुएं। सऊदी सेना ने स्पष्ट किया है कि वे देश की सुरक्षा के लिए लगातार हवाई खतरों पर पैनी नज़र रख रहे हैं और किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

हमले से जुड़ी मुख्य बातें और क्षेत्रीय असर

यह हमला केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं था बल्कि उसी दिन क्षेत्र के अन्य देशों में भी ऐसी ही घटनाएं दर्ज की गईं। प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए सऊदी सिविल डिफेंस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं।

  • तारीख और समय: यह कार्रवाई 26 मार्च 2026 को 12 घंटे की अवधि के दौरान की गई।
  • मुख्य स्थान: हमलों का मुख्य केंद्र पूर्वी प्रांत और अल-खरज (Al-Kharj) के इलाके रहे।
  • पड़ोसी देशों की स्थिति: कुवैत, बहरीन और यूएई ने भी इसी दिन ड्रोन और मिसाइल हमलों की सूचना दी थी।
  • नुकसान की रिपोर्ट: सऊदी अरब में इस कार्रवाई के दौरान किसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
  • हमले की जिम्मेदारी: ईरान के IRGC ने इसे ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन के तहत किया गया हमला बताया है।

इन हमलों को देखते हुए सऊदी अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दी जाने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है। यह घटनाएं क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच सामने आई हैं, जिसका असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और यात्रा पर भी पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.