सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों, खासकर भारतीय दुकानदारों और बिजनेस चलाने वालों के लिए एक जरूरी चेतावनी आई है। सऊदी सरकार ने ‘कमर्शियल कंसीलमेंट’ यानी गैर-कानूनी तरीके से बिजनेस चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई विदेशी व्यक्ति किसी सऊदी नागरिक के नाम या लाइसेंस का इस्तेमाल करके अपना काम चलाता है, तो अब उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

📰: Erbil Drone Attack: इराक में ईरान के विरोधियों पर ड्रोन हमला, हथियारों के गोदाम को बनाया निशाना

सऊदी अरब में कमर्शियल कंसीलमेंट क्या है और इसके नियम क्या हैं?

सऊदी अरब के एंटी-कमर्शियल कंसीलमेंट कानून (نظام التستر) के मुताबिक, जब कोई गैर-सऊदी व्यक्ति किसी सऊदी नागरिक के लाइसेंस, कमर्शियल रजिस्ट्रेशन या ट्रेड नेम का इस्तेमाल करके अपना बिजनेस चलाता है, तो इसे तस्तर या कमर्शियल कंसीलमेंट कहा जाता है। इसमें वह सऊदी व्यक्ति जिसे ‘इनेबलर’ कहा जाता है, विदेशी को अपना नाम इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।

  • बैंक अकाउंट: अगर बिजनेस के बैंक अकाउंट का पूरा कंट्रोल विदेशी व्यक्ति के पास है, तो यह अपराध माना जाएगा।
  • दस्तावेज: अगर बिजनेस के जरूरी कागज विदेशी के पास हैं और सऊदी नागरिक सिर्फ नाम के लिए साइन करता है, तो यह भी गैर-कानूनी है।
  • किराया या फीस: सऊदी नागरिक द्वारा फीस लेकर अपना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन किसी विदेशी को देना इस कानून के तहत जुर्म है।

नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा और जुर्माना?

सऊदी सरकार ने इस अपराध के लिए बहुत सख्त सजा तय की है ताकि लोग कानून का पालन करें। वाणिज्य मंत्रालय और आंतरिक मंत्रालय ने साफ किया है कि पकड़े जाने पर कोई रियायत नहीं मिलेगी।

  • जेल और जुर्माना: दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और 50 लाख (5 मिलियन) सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • संपत्ति की जब्ती: गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए पैसे और संपत्ति को सरकार जब्त कर लेगी।
  • बिजनेस बंदी: दुकान या ऑफिस को बंद कर दिया जाएगा और कमर्शियल रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।
  • देश निकाला: विदेशी व्यक्ति को डिपोर्ट कर दिया जाएगा और सऊदी अरब में दोबारा आने पर हमेशा के लिए रोक लगा दी जाएगी।
  • दोबारा गलती: अगर कोई 3 साल के अंदर दोबारा यह गलती करता है, तो सजा दोगुनी हो जाएगी।

हाल ही में सरकार ने क्या कार्रवाई की?

नेशनल प्रोग्राम फॉर कॉम्बैटिंग कमर्शियल कंसीलमेंट ने पूरे सऊदी अरब में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। अप्रैल 2026 में करीब 6,574 निरीक्षण किए गए, जिसमें 170 संदिग्ध मामले मिले। इससे पहले मार्च 2026 में 2,611 दौरों के दौरान 71 संदिग्ध केस पकड़े गए। सरकार ने खास तौर पर टायर रिपेयर, जूस सेंटर, परफ्यूम, बेकरी और कॉफी शॉप जैसे बिजनेस पर नजर रखी है।

वहीं, आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि 30 अप्रैल से 6 मई 2026 के बीच चलाए गए अभियान में रेजिडेंसी और लेबर कानून तोड़ने वाले 11,175 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 19 लोग ऐसे थे जो इन उल्लंघनकर्ताओं को पनाह देने या उन्हें नौकरी पर रखने के दोषी पाए गए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कमर्शियल कंसीलमेंट के लिए अधिकतम जुर्माना और सजा क्या है?

इस अपराध के लिए 5 साल तक की जेल और 50 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही, विदेशी व्यक्ति को डिपोर्ट करके सऊदी अरब में आने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

कौन सी एजेंसियां इन नियमों को लागू कर रही हैं?

मुख्य रूप से वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाला ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर कॉम्बैटिंग कमर्शियल कंसीलमेंट’ और आंतरिक मंत्रालय इन नियमों को सख्ती से लागू कर रहे हैं।