पूरी दुनिया में खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सऊदी अरब ने महंगाई के बीच एक अनोखी मिसाल कायम की है। सऊदी अरब में पिछले 12 सालों से रोटी (ब्रेड) के दाम नहीं बढ़े हैं। आज भी वहां रहने वाले नागरिक और प्रवासी मात्र 1 रियाल में 5 रोटियों का पैकेट खरीद सकते हैं। सरकार ने इस कीमत को स्थिर रखने के लिए सख्त नियम बनाए हैं और आम आदमी को मिलने वाले इस ब्रेड पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

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1 रियाल में 5 रोटी का नियम क्या है

सऊदी अरब में रोटी की कीमत को आम जनता और प्रवासियों के लिए बहुत अहम माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 सऊदी रियाल में 5 रोटी (फ्लैटब्रेड या समोली) देने का नियम 2013 से लगातार लागू है। वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि कुछ खास तरह की रोटियों के दाम तो पिछले 30 सालों से नहीं बदले हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि रोटी की कीमत बढ़ाना या उसका वजन कम करना सख्त मना है। ऐसा करने वाली बेकरी को तुरंत बंद कर दिया जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार कैसे रोकती है महंगाई

सऊदी सरकार ने बेसिक ब्रेड को टैक्स फ्री रखा है। देश में 15 प्रतिशत वैट लागू है, लेकिन 1 रियाल वाले ब्रेड पैकेट पर ग्राहक को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता। जनरल फूड सिक्योरिटी अथॉरिटी बेकरी और आटा मिलों को भारी सब्सिडी देती है ताकि ग्लोबल मार्केट में गेहूं महंगा होने का असर आम आदमी की जेब पर न पड़े। इसके अलावा, सऊदी अरब दूसरे देशों की खेती में भी निवेश कर रहा है ताकि देश में गेहूं की सप्लाई कभी कम न हो।

रमज़ान के दौरान 21 हजार से ज्यादा चेकिंग

रमज़ान के महीने में रोटी की मांग काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए 16 और 17 मार्च 2026 को वाणिज्य मंत्रालय ने 21,000 से ज्यादा दुकानों और बेकरी की चेकिंग की है। यह जांच इसलिए की गई ताकि कोई भी दुकानदार 1 रियाल वाले ब्रेड की कीमत में हेराफेरी न कर सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई ज्यादा पैसे मांगता है तो वे 1900 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने मई से जुलाई 2026 तक के लिए 794,000 टन गेहूं का बड़ा ऑर्डर भी बुक कर लिया है ताकि आने वाले दिनों में बाजार में स्थिरता बनी रहे।