सऊदी अरब और ब्रिटेन का जॉइंट स्टेटमेंट जारी, ईरान के हमलों के बीच गल्फ देशों के प्रवासियों के लिए बड़ी खबर
15 मार्च 2026 को सऊदी अरब और ब्रिटेन ने गल्फ क्षेत्र में ईरान के हमलों को लेकर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब सऊदी अरब ने रविवार सुबह अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी इलाकों के ऊपर 10 दुश्मन ड्रोन्स को मार गिराया। इन घटनाओं के कारण गल्फ देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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ईरान के हमले और गल्फ देशों का बचाव
पिछले 48 घंटों में ईरान ने सऊदी अरब, UAE और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर है और हर तरह के खतरे को खत्म कर रहा है। यूएई की मंत्री Lana Nusseibeh ने इस स्थिति को क्षेत्र के लिए बड़ा झटका बताया है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य देशों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अपनी और अपने यहां रहने वाले लोगों की रक्षा करने का पूरा हक है। आम नागरिक और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रवासियों पर असर और अन्य देशों का रुख
इस पूरे विवाद का असर यातायात और रोजमर्रा की सुविधाओं पर पड़ रहा है। कुवैत और दुबई के एयरपोर्ट और बहरीन के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी जगहों पर हमलों की खबर सामने आई है। इसके बाद ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं।
- ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने हमलों की निंदा की है और गल्फ में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
- अब तक 63 हजार से ज्यादा ब्रिटिश नागरिक सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं।
- अमेरिका ने भी ओमान और इराक से अपने लोगों को सुरक्षित निकाला है।
- ब्रिटेन कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए Strait of Hormuz के समुद्री रास्तों पर फोकस कर रहा है।
आगे के हालात और नया स्टैंड
ब्रिटेन ने साफ किया है कि उनका मिलिट्री सपोर्ट पूरी तरह से रक्षात्मक है और यह ईरान पर हमले के लिए इस्तेमाल नहीं होगा। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने दावा किया है कि उनके हमले सिर्फ अमेरिकी बेस को निशाना बना रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी गल्फ देशों में रहते हैं, उनके लिए वहां की सरकारों का यह स्टैंड राहत देता है कि हालात को जल्द सामान्य किया जाएगा।




