Saudi Arabia News: सऊदी अरब ने इराक में हुए ड्रोन हमलों की निंदा की, बड़े नेताओं के घरों पर हुआ था हमला
सऊदी अरब ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में राष्ट्रपति Nechirvan Barzani और वरिष्ठ नेता Masoud Barzani के घरों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह हमले 28 और 29 मार्च 2026 को हुए थे, जिनमें नेताओं के आवासों को नुकसान पहुँचा है। सऊदी सरकार ने इन हमलों को क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है और कुर्दिस्तान के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।
इन हमलों में क्या नुकसान हुआ और किन नेताओं को निशाना बनाया गया?
इराक के कुर्दिस्तान इलाके में शनिवार 28 मार्च को राष्ट्रपति Nechirvan Barzani के Duhok स्थित घर पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे घर को नुकसान पहुँचा लेकिन किसी की जान नहीं गई। इसके बाद रविवार 29 मार्च को Erbil में Masoud Barzani के घर के पास भी एक ड्रोन देखा गया जिसे एयर डिफेंस ने समय रहते मार गिराया। Masoud Barzani ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पिछले 30 दिनों में इस क्षेत्र में 450 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं, जो काफी चिंताजनक है।
दुनिया भर के देशों और संस्थाओं ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने अपनी चिंता जताई है और इराक सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख प्रतिक्रियाएं नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| देश/संस्था | प्रमुख बयान |
|---|---|
| Saudi Arabia | हमलों की कड़ी निंदा की और कुर्दिस्तान के प्रति अपना समर्थन जताया। |
| United States | इन हमलों को इराक की एकता और स्थिरता पर सीधा हमला करार दिया। |
| France | राष्ट्रपति Macron ने इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। |
| UAE | इराक और कुर्दिस्तान सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही। |
| Iraq Prime Minister | घटना को जघन्य बताया और जांच के लिए सुरक्षा टीम गठित करने के आदेश दिए। |
| Iran (IRGC) | हैरानी की बात यह है कि ईरान ने भी इसकी निंदा की और अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। |
सऊदी अरब और अन्य देशों ने इराक की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। फिलहाल इराक के प्रधानमंत्री ने एक तकनीकी टीम को जांच के आदेश दिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि इन हमलों के पीछे किन गुटों का हाथ है। कुर्दिस्तान प्रशासन का कहना है कि वे किसी भी क्षेत्रीय विवाद का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।




