खाड़ी देशों में अचानक तनाव बढ़ गया है। UAE, कतर और कुवैत के समुद्री इलाकों में ड्रोन हमले हुए हैं जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है। इस घटना के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बहुत ही सख्त और आधिकारिक बयान जारी किया है। सऊदी अरब ने साफ कहा है कि वह अपनी सुरक्षा और स्थिरता के लिए पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़ा है।

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UAE, कतर और कुवैत में क्या हुआ और हमले किसने किए

10 मई 2026 को कतर के समुद्री इलाके में मेसाईद पोर्ट के उत्तर-पूर्व में एक कमर्शियल कार्गो जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ। यह जहाज अबू धाबी से आया था और हमले के बाद इसमें मामूली आग लगी लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। इसी दिन UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरान ने दो ड्रोन दागे जिन्हें समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया गया। कुवैत की सेना ने भी अपने हवाई क्षेत्र में कई दुश्मन ड्रोन पकड़े और उन्हें नाकाम किया।

अबू धाबी ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं ईरान के एक संसदीय अधिकारी ने 10 मई को कहा कि अब उनका सब्र खत्म हो गया है और वह अमेरिकी जहाजों और बेस पर कड़ा प्रहार कर सकते हैं।

सऊदी अरब ने इन हमलों पर क्या कहा और क्या चेतावनी दी

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने UAE, कतर और कुवैत के खिलाफ हुए इन हमलों की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा की है। सऊदी सरकार ने मांग की है कि इन हमलों को तुरंत रोका जाए। सऊदी अरब ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में भी इस बात पर जोर दिया है कि ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन को बचाने के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा जरूरी है। सऊदी ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और अच्छे पड़ोसी होने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र का क्या रुख है

संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुच्छेद 37-44 के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है, जहां सभी जहाजों को आने-जाने का अधिकार है और इसे निलंबित नहीं किया जा सकता। हालांकि, ईरान ने 7 मई 2026 को यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसे विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मान रहे हैं।

तनाव को कम करने के लिए अमेरिका, सऊदी अरब, UAE, कतर और कुवैत जैसे देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में ईरान से हमलों और समुद्री रास्तों पर अवैध वसूली को तुरंत रोकने की मांग की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर विवाद क्या है

UNCLOS कानून के अनुसार यह एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है जिसे बंद नहीं किया जा सकता, लेकिन ईरान ने हाल ही में यहां नए शिपिंग नियम लागू किए हैं जिसे अन्य देश अवैध मान रहे हैं।

क्या इन हमलों में कोई जान-माल का नुकसान हुआ

कतर में एक जहाज पर ड्रोन हमले से मामूली आग लगी थी, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। UAE ने अपने क्षेत्र में आए दोनों ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.