सऊदी अरब ने अपनी विजन 2030 योजना के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में साल 2026 को आधिकारिक तौर पर ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वर्ष’ घोषित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य किंगडम को तकनीक के मामले में दुनिया का ग्लोबल पावरहाउस बनाना है। अब सऊदी में सरकारी कामकाज से लेकर कॉलेजों की पढ़ाई तक में AI का इस्तेमाल सबसे ऊपर होगा।

🚨: White House Statement: ईरान में सेना उतारने का विकल्प खुला, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर नई जानकारी आई सामने

सऊदी में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

सऊदी सरकार ने अब सभी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए डेटा और AI का कोर्स अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों को भी अब यह नई तकनीक सीखनी होगी। इसके अलावा, सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। रियाद में ‘Applied AI Bootcamp’ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है, जो 29 मार्च से 21 मई 2026 तक चलेगा। जो लोग सऊदी में टेक सेक्टर में नौकरी तलाश रहे हैं, उनके लिए अब AI की जानकारी होना बहुत जरूरी हो गया है।

सऊदी में निवेश और आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स

सऊदी अरब ने इस क्षेत्र में भारी निवेश किया है ताकि वह दुनिया के बाकी देशों से आगे निकल सके। सरकार ने ‘प्रोजेक्ट ट्रांसेंडेंस’ के जरिए 100 बिलियन डॉलर का बजट तैयार किया है। देश में दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर ‘Hexagon’ भी बनाया गया है। आने वाले समय में होने वाले बड़े कार्यक्रमों की जानकारी नीचे दी गई है:

महत्वपूर्ण जानकारी तारीख / आंकड़ा
आधिकारिक घोषणा की तारीख 10 मार्च 2026
4th Global AI Summit (GAIN) 15–17 सितंबर 2026
कुल AI निवेश (अब तक) 9.1 बिलियन डॉलर
Applied AI Bootcamp तारीख 29 मार्च – 21 मई 2026
Shaheen III सुपरकंप्यूटर सुविधा

सरकारी कामकाज में AI का बढ़ता इस्तेमाल

सऊदी अरब सरकारी क्षेत्र में AI अपनाने के मामले में दुनिया में पहले पायदान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग दो-तिहाई सरकारी कर्मचारी हर दिन काम के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) इस पूरे बदलाव की देखरेख कर रही है। सरकार अब ‘Global AI Hub Law’ का ड्राफ्ट भी तैयार कर रही है, जिससे विदेशी टेक कंपनियों के लिए सऊदी में काम करना और लाइसेंस लेना आसान हो जाएगा। 2026 के दौरान सऊदी अरब कई बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर करेगा।