Saudi Arabia News: सऊदी अरब को मिला यूरोपीय देशों का साथ, ईरान के हमलों के बीच प्रिंस सलमान को किया फोन
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman को मंगलवार 24 मार्च 2026 को बेल्जियम, ग्रीस और नीदरलैंड के बड़े नेताओं ने फोन किया। इन देशों के नेताओं ने सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता दिखाई और सुरक्षा के मामले में पूरा समर्थन देने का वादा किया है। दरअसल पिछले कुछ समय से ईरान की तरफ से हो रहे हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में काफी तनाव बना हुआ है। इन यूरोपीय नेताओं ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों को सही बताया है।
किन यूरोपीय नेताओं ने की प्रिंस सलमान से बात?
सऊदी क्राउन प्रिंस को बेल्जियम के King Philippe, ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten ने अलग-अलग कॉल किया। इन बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। King Philippe ने कहा कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम उठा रहा है, बेल्जियम उसके साथ खड़ा है। वहीं ग्रीस के प्रधानमंत्री ने भी सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा में अपना सहयोग दोहराया और हमलों की निंदा की। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने उन हमलों पर चिंता जताई जो खाड़ी क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल रहे हैं।
ईरान और सऊदी के बीच मौजूदा हालात क्या हैं?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा को लेकर कुछ आंकड़े भी साझा किए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सऊदी सेना ने बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है। यह तनाव खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। सेना की मुस्तैदी के कारण जान-माल के नुकसान को टाला गया है।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन | 630 से अधिक |
| मार गिराई गई मिसाइलें | 50 से अधिक |
| ताज़ा कार्रवाई (पूर्वी प्रांत) | 19 ईरानी ड्रोन नष्ट किए गए |
| तनाव की मुख्य वजह | ईरान की जवाबी कार्रवाई |
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर हो रहे ये हमले फरवरी के अंत से शुरू हुए थे। इस स्थिति का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जो काम के सिलसिले में अक्सर इन देशों की यात्रा करते हैं। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। विदेशी नेताओं का यह समर्थन वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब की स्थिति को मजबूत बनाता है।




