Saudi Arabia New Statement: पड़ोसी देशों पर हमला करना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ, सऊदी अरब ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी
रियाद में हुई विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक में सऊदी अरब ने पड़ोसी देशों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा कि पड़ोसियों पर हमला करना न केवल अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन है बल्कि यह इस्लामी शिक्षाओं के भी खिलाफ है। यह बयान हाल ही में कतर, यूएई और कुवैत के तेल और गैस ठिकानों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद आया है। इन हमलों से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
खाड़ी देशों के इन ठिकानों को बनाया गया निशाना
मार्च 2026 के मध्य में खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों पर हमले की खबरें आईं। सऊदी अरब की वायु सेना ने रियाद में एक बैलिस्टिक खतरे को नाकाम किया। इसके अलावा अन्य देशों में हुए नुकसान की जानकारी नीचे दी गई है:
| देश | प्रभावित क्षेत्र और घटना |
|---|---|
| Qatar | Ras Laffan एनर्जी हब पर मिसाइल हमला हुआ |
| UAE | Habshan गैस सुविधा और Bab तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया |
| Kuwait | एक रिफाइनरी में ड्रोन हमले की वजह से आग लग गई |
| Saudi Arabia | राजधानी रियाद में बैलिस्टिक खतरे को हवा में ही खत्म किया गया |
इन हमलों की वजह से इन देशों में काम करने वाले विदेशी कामगारों और विशेषकर भारतीय प्रवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
सऊदी विदेश मंत्री ने बैठक में क्या कहा?
रियाद में हुई इस बैठक में अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सीरिया, तुर्की और यूएई के प्रतिनिधि शामिल हुए। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि ईरान पर भरोसा अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है और उसे मौजूदा व्यवहार के आधार पर साझीदार नहीं माना जा सकता।
- ईरान से तुरंत इन हमलों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने को कहा गया है।
- ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
- सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि प्रभावित देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
- प्रिंस फैसल ने चेतावनी दी कि ईरान की गलत गणनाओं के राजनीतिक और व्यापक परिणाम होंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान के साथ भविष्य के संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि वह देशों की संप्रभुता का कितना सम्मान करता है और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करता है या नहीं। सऊदी अरब ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है।




