सऊदी अरब की जकात, टैक्स और सीमा शुल्क प्राधिकरण ने व्यापार को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। 1 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच सऊदी अरब से कुल 88,109 ट्रक खाड़ी देशों (GCC) के लिए रवाना हुए। यह जानकारी बताती है कि सऊदी और उसके पड़ोसी देशों के बीच जमीनी रास्ते से होने वाला व्यापार काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा ट्रक यूएई के लिए अल बतहा बॉर्डर से निकले हैं, जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है।

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किस बॉर्डर से कितने ट्रकों की हुई आवाजाही?

आंकड़ों के मुताबिक, अलग-अलग देशों के लिए तय रास्तों पर ट्रकों की भारी संख्या देखी गई। यूएई जाने वाले ट्रकों के लिए अल बतहा क्रॉसिंग सबसे प्रमुख रास्ता रहा। इसके अलावा बहरीन, कतर और कुवैत के लिए भी बड़ी संख्या में सामान से लदे ट्रक सऊदी अरब से बाहर गए। यह सब सऊदी अरब को एक ग्लोबल लॉजिस्टिक हब बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। व्यापार की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

बॉर्डर का नाम देश ट्रकों की संख्या
अल बतहा (Al Batha) UAE 41,229
किंग फहद कॉजवे (King Fahd Causeway) Bahrain 13,486
सलवा क्रॉसिंग (Salwa Crossing) Qatar 11,227
अल खफजी (Al Khafji) Kuwait 10,437
रुब अल खाली (Rub’ al Khali) Oman 6,475
अरार/अल-रकी (Arar/Al-Raqi) Kuwait 5,255

व्यापार को आसान बनाने के लिए सऊदी सरकार ने क्या बड़े बदलाव किए?

सऊदी अरब के परिवहन और रसद सेवा मंत्री इंजीनियर सालेह अल-जासर ने बताया कि व्यापार को आसान बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की गई हैं। इससे खाड़ी देशों के बीच सामान ले जाने में कम समय लगेगा और खर्चा भी कम होगा। भारतीय प्रवासियों और ट्रांसपोर्ट बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए भी यह खबर अहम है क्योंकि इससे क्षेत्र में सप्लाई चेन मजबूत होगी।

  • सऊदी अरब में अब 22 साल पुराने ट्रक भी चलाए जा सकेंगे, यह नियम सभी GCC देशों के ट्रकों पर लागू होगा।
  • खाली ट्रक और ठंडे बक्से वाले ट्रक (Refrigerated trucks) अब सामान लेने के लिए सऊदी अरब में आसानी से आ सकेंगे।
  • दम्माम के किंग अब्दुलअजीज पोर्ट पर ‘गल्फ स्टोरेज और रीडिस्ट्रिब्यूशन जोन’ बनाए जा रहे हैं ताकि सामान रखने में आसानी हो।
  • खाड़ी देशों से होने वाले आयात और निर्यात पर लगने वाले कुछ खास शुल्कों में छूट दी जाएगी।
  • जेद्दा इस्लामिक पोर्ट और किंग अब्दुल्ला पोर्ट पर नई शिपिंग लाइनें जोड़ी गई हैं ताकि समुद्री व्यापार को भी बढ़ावा मिले।