सऊदी अरब में घरों की छतों को लेकर नया प्लान, गर्मी से मिलेगी राहत और बिजली बिल में होगी बचत
सऊदी अरब में शहरी विकास को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब के शहरों में छतों को हरा-भरा करने यानी ‘Green Roofs’ पर तेजी से काम हो रहा है। फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब ने 1.03 मिलियन वर्ग मीटर से अधिक सर्टिफाइड ग्रीन बिल्डिंग एरिया का आंकड़ा पार कर लिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब इमारतों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है जिससे गर्मी कम लगे और शहर का माहौल बेहतर बना रहे।
यह पहल न केवल शहरों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक और पर्यावरणीय कारण भी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से वहां रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
सऊदी अरब में गर्मी एक बड़ी चुनौती रहती है। ग्रीन रूफ यानी छतों पर पौधे और हरियाली लगाने से सीधी धूप इमारत की छत पर नहीं पड़ती है। इससे घर और ऑफिस के अंदर का तापमान कम रहता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सही तरीके से इसे लागू किया गया, तो शहर के तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
आम आदमी के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा बिजली के बिल में बचत के रूप में सामने आएगा। जब इमारतें ठंडी रहेंगी, तो एयर कंडीशनिंग (AC) का लोड कम होगा। इसके अलावा, छत की सुरक्षा भी बढ़ती है क्योंकि सीधी धूप और गर्मी से छत की सतह खराब नहीं होती। रिपोर्ट बताती है कि अभी इस बाजार की वैल्यू 1.15 बिलियन डॉलर है, जिसके 2032 तक बढ़कर 7.4 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
नियमों में क्या बदलाव और सावधानी बरती जा रही है?
सऊदी ग्रीन बिल्डिंग अलायंस (SGBA) अब ऐसे नियम बना रहा है जो वहां के सूखे मौसम के हिसाब से सही हों। इसमें पानी की बचत पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। नए नियमों के तहत पीने के पानी की जगह ‘ग्रे-वॉटर’ (इस्तेमाल किया हुआ पानी) का उपयोग पौधों की सिंचाई के लिए करने की सलाह दी जा रही है।
- पौधों का चुनाव: ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जिन्हें कम पानी की जरूरत हो और जो तेज धूप सह सकें।
- इरीगेशन सिस्टम: पानी देने के लिए स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल होगा ताकि पानी बर्बाद न हो।
- गाइडलाइंस: विजन 2030 के तहत नए बिल्डिंग कोड्स तैयार किए जा रहे हैं ताकि बिल्डर्स इनका सही पालन करें।
आम जनता की क्या राय है?
रियाद में हुए एक सर्वे में पाया गया कि 94% लोग इस बात से खुश हैं कि छतों पर हरियाली होने से हवा की क्वालिटी सुधरेगी और शहर सुंदर दिखेगा। हालांकि, 91% लोगों को इस बात की चिंता भी है कि तेज गर्मी और रखरखाव के खर्च के कारण इसे संभालना मुश्किल हो सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल यूरोप जैसे ठंडे देशों के लिए नहीं है, बल्कि सही तकनीक का इस्तेमाल करके इसे सऊदी अरब जैसे गर्म इलाकों में भी सफल बनाया जा सकता है। रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी (RCRC) का लक्ष्य है कि 2030 तक रियाद में ग्रीन स्पेस को 1.5% से बढ़ाकर 9% तक ले जाया जाए।




