Saudi Arabia Alert: सऊदी अरब ने हवा में मार गिराए 37 ड्रोन, रक्षा मंत्रालय ने जारी की नागरिकों के लिए नई गाइडलाइन
सऊदी अरब के ईस्टर्न प्रोविंस (Eastern Province) में एयर डिफेंस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 37 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इस बात की पुष्टि की है. यह कार्रवाई मंगलवार सुबह से शुरू होकर कई घंटों तक अलग-अलग चरणों में की गई. इस घटना के बाद रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने आम नागरिकों और प्रवासियों से सतर्क रहने की अपील की है.
ड्रोन मार गिराने का पूरा टाइमलाइन
| समय | ड्रोन की संख्या |
|---|---|
| आधी रात के समय | 6 ड्रोन |
| 4 घंटे बाद | 3 ड्रोन |
| कुछ ही देर बाद | 3 ड्रोन |
| दो घंटे बाद | 6 ड्रोन |
| अगले कुछ समय में | 2 ड्रोन |
| एक घंटे बाद | 12 ड्रोन |
| सुबह के समय | 2 ड्रोन |
| आखिरी चरण में | 3 ड्रोन |
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन सभी ड्रोन को ईस्टर्न प्रोविंस के ऊपर इंटरसेप्ट किया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरी मुस्तैदी दिखाई.
Tawakkalna ऐप पर आया नया सर्विस और नियम
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए Tawakkalna ऐप पर एक नया रिपोर्टिंग फीचर लॉन्च किया है. अगर किसी को आसमान में कोई संदिग्ध चीज या ड्रोन नजर आता है तो वह तुरंत इस ऐप के जरिए जानकारी दे सकता है. रक्षा मंत्री ने कहा है कि देश की सुरक्षा में आम नागरिक भी भागीदार हैं, इसलिए सही समय पर जानकारी देना जरूरी है.
नागरिकों और प्रवासियों के लिए जरूरी सेफ्टी गाइडलाइन
सऊदी सिविल डिफेंस ने कुछ खास नियम जारी किए हैं जिनका पालन करना सभी के लिए जरूरी है.
- घर के अंदर रहें: लोगों को खिड़कियों, बालकनी और छतों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
- फोटो और वीडियो पर रोक: किसी भी हमले की जगह या सेना की कार्रवाई का वीडियो और फोटो खींचना पूरी तरह से मना है.
- गाड़ी चलाते समय सावधानी: अगर आप गाड़ी चला रहे हैं और अलर्ट मिलता है तो अपनी गाड़ी को किसी पुल या ऊंची बिल्डिंग से दूर सुरक्षित जगह पर रोक लें.
- इमरजेंसी नंबर: ईस्टर्न प्रोविंस, रियाद, मक्का और मदीना के लोग 911 पर कॉल कर सकते हैं. बाकी इलाकों के लिए 998 नंबर जारी किया गया है.
हाल ही में ईस्टर्न प्रोविंस और अन्य मुख्य इलाकों में नेशनल अर्ली वॉर्निंग प्लेटफॉर्म के सायरन का ट्रायल भी किया गया था ताकि मोबाइल अलर्ट सिस्टम सही से काम करे.




