Saudi Arabia Attack: ईरान के हमले से सऊदी के तेल ठिकानों पर बढ़ा तनाव, मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम
19 मार्च 2026 को सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल ठिकानों पर ईरान की ओर से हमले किए गए। इसमें यानबू (Yanbu) स्थित SAMREF रिफाइनरी, यानबू पोर्ट और रियाद के पास के इलाकों को निशाना बनाया गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी सेना ने कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और तनाव का माहौल पैदा हो गया है।
हमले में किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि यानबू (Yanbu) पोर्ट की तरफ आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में पांच ड्रोन को मार गिराया गया। रियाद के दक्षिण में स्थित रिफाइनरी के पास मिसाइल का मलबा गिरने की भी खबर है। SAMREF रिफाइनरी जो Saudi Aramco और Exxon Mobil का साझा उपक्रम है, वहां भी एक ड्रोन गिरा जिससे कामकाज पर बहुत मामूली असर पड़ा।
| स्थान | हमले का प्रकार | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|
| Yanbu Port | बैलिस्टिक मिसाइल | मिसाइल नष्ट की गई |
| SAMREF रिफाइनरी | ड्रोन हमला | मलबा गिरा, मामूली असर |
| Riyadh | 4 बैलिस्टिक मिसाइल | मिसाइलें मार गिराई गई |
| पूर्वी क्षेत्र | 5 ड्रोन | ड्रोन नष्ट किए गए |
सऊदी सरकार और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा कि सऊदी के पास सैन्य कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद ईरान पर भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। GCC के महासचिव जासेम मोहम्मद अल बुदैवी ने इसे एक गंभीर आपराधिक हमला करार दिया जो क्षेत्रीय शांति को अस्थिर करने के लिए किया गया। ईरान की तरफ से यह हमला तब हुआ जब उन्होंने पहले ही कुछ तेल ठिकानों को खाली करने की चेतावनी दी थी।




