Saudi Arabia New Initiative: सऊदी अरब ने शुरू किया नया लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, जेद्दा की सड़कों से हटेंगे 20 लाख ट्रक
सऊदी अरब ने देश में सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नई ‘लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पहल’ (Logistics Corridors Initiative) की शुरुआत की है। परिवहन और रसद सेवा मंत्री इंजीनियर सालेह अल-जासर ने 12 मार्च 2026 को जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर इसका आधिकारिक उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब खाड़ी देशों (GCC) और पूर्वी क्षेत्रों से आने वाला कार्गो सीधे रेड सी (लाल सागर) पोर्ट्स पर भेजा जा सकेगा। इससे न केवल सामान की आवाजाही तेज होगी बल्कि आम लोगों के लिए बाजार में स्थिरता भी आएगी।
आम जनता और प्रवासियों को इस नए नियम से क्या फायदा होगा?
यह नया कॉरिडोर जेद्दा शहर में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 689 मिलियन रियाल की लागत से बना 17 किलोमीटर लंबा नया जेद्दा-खुमराह कॉरिडोर सीधे तौर पर काम करेगा। इसके शुरू होने से हर साल जेद्दा की सड़कों से लगभग 20 लाख ट्रक कम हो जाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भारी कमी आएगी। 12 पुलों के जरिए ट्रक शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। इसके अलावा, गल्फ देशों के बीच सप्लाई चेन न टूटने से कंस्ट्रक्शन मटेरियल और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बाजार में स्थिर रहेंगी, जिसका सीधा फायदा आम खरीदार को मिलेगा।
कार्गो और बिजनेस के लिए कस्टम फीस में क्या बदलाव हुए हैं?
ZATCA (जकात, टैक्स और कस्टम अथॉरिटी) ने इस पहल के तहत फीस और नियमों को काफी आसान बना दिया है।
- इंपोर्ट फीस: अब आने वाले सामान की कुल वैल्यू (इंश्योरेंस और शिपिंग सहित) का केवल 0.15% ही फीस लगेगा।
- फीस लिमिट: यह फीस कम से कम 15 रियाल और अधिकतम 500 रियाल तक तय की गई है।
- VAT छूट: जिन सामानों पर VAT की छूट है, उनके लिए अधिकतम फीस पर 130 रियाल का कैप लगाया गया है।
- एक्सपोर्ट फीस माफ: व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट पर कस्टम सेवाओं (जैसे एक्स-रे और सैंपल एनालिसिस) की फीस पूरी तरह से माफ कर दी गई है।
सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए कौन से नए रूट बने हैं?
इस नई पहल से अब कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, ओमान, इराक, जॉर्डन और यमन के लिए कार्गो को सड़क मार्ग (ट्रकिंग कॉरिडोर) के जरिए आसानी से भेजा जा सकेगा। यह रूट होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बायपास करेगा। व्यापारी अब अपने सामान को बॉन्डेड जोन और लॉजिस्टिक्स पार्क में भी स्टोर कर सकते हैं। कस्टम क्लीयरेंस से पहले सामान को री-एक्सपोर्ट करने या स्टोर करने की इस छूट से व्यापारियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।





