सऊदी अरब ने हज यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए एक कमाल की तकनीक अपनाई है. अब AI की मदद से चलने वाले मोबाइल डिवाइस के जरिए यात्रियों की कागजी कार्रवाई सिर्फ 40 सेकंड में पूरी हो जाएगी. इस नई व्यवस्था से एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और यात्रियों का समय बचेगा.
मक्का रूट पहल और AI तकनीक से क्या बदलाव आए हैं?
सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने Saudi Vision 2030 के तहत ‘मक्का रूट’ पहल शुरू की है. इसमें Saudi Data and Artificial Intelligence Authority (SDAIA) तकनीकी सहायता दे रहा है. इस सिस्टम के तहत यात्रियों का बायोमेट्रिक डेटा, चेहरे की पहचान और पासपोर्ट की जानकारी बहुत तेजी से ली जा रही है. इसके कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- तेज़ प्रोसेसिंग: AI डिवाइस की मदद से यात्रियों का डेटा मात्र 40 सेकंड में प्रोसेस किया जा रहा है.
- बुजुर्गों को राहत: 30 अप्रैल 2026 को खास तौर पर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए मोबाइल पासपोर्ट काउंटर शुरू किए गए ताकि उन्हें लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े.
- मल्टीलिंग्वल रोबोट: अल-खारज के सर्विस सेंटर में एक AI रोबोट तैनात किया गया है जो 69 भाषाओं में यात्रियों की मदद कर रहा है.
- विदेशी एयरपोर्ट्स पर सुविधा: यह सुविधा इस्तांबुल (तुर्की), लाहौर (पाकिस्तान) और बांग्लादेश के एयरपोर्ट्स पर शुरू की गई है. इस साल से इसमें सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी जोड़ा गया है.
हज यात्रियों के लिए कौन से डिजिटल नियम अनिवार्य हैं?
हज और उमराह मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. गसन अलनुवैमी ने बताया कि डिजिटल बदलाव उनकी रणनीति का मुख्य हिस्सा है. यात्रियों को कुछ जरूरी डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करना होगा, वरना उन्हें हज की रस्मों में दिक्कत आ सकती है:
- Nusuk ऐप: हर यात्री के लिए इस आधिकारिक ऐप को डाउनलोड करना जरूरी है. यह ऐप नेविगेशन और रियल-टाइम अपडेट जैसी सुविधाएं देता है.
- Digital Nusuk Card: यह कार्ड फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक दोनों रूपों में होगा. पवित्र स्थलों में प्रवेश के लिए यह कार्ड अनिवार्य है.
- Tawakkalna ऐप: इस सुपर ऐप के जरिए यात्री अपने घर से निकलने से पहले ही अपना इलेक्ट्रॉनिक हज परमिट देख सकते हैं.
धार्मिक मामलों के प्रमुख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने कन्फर्म किया है कि AI तकनीक को इस बार के हज प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है ताकि सेवाओं की क्वालिटी बेहतर हो सके और यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) क्या है?
यह सऊदी आंतरिक मंत्रालय की एक योजना है जिसके तहत हज यात्री अपने ही देश के एयरपोर्ट पर बायोमेट्रिक और पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं. इससे सऊदी अरब पहुंचने पर उन्हें दोबारा लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता.
क्या हज के लिए Nusuk कार्ड जरूरी है?
हाँ, हर यात्री के लिए Digital Nusuk Card और Nusuk ऐप का होना अनिवार्य है. इसके बिना पवित्र स्थलों तक पहुंच और अन्य सेवाओं का लाभ लेना मुश्किल हो सकता है.
