Saudi Arabia के तेल प्लांट पर बड़ा हमला, 3 लाख बैरल उत्पादन कम हुआ, ईरान ने ली जिम्मेदारी
सऊदी अरब के मनिफा तेल प्लांट को निशाना बनाया गया है जिससे हर दिन 3 लाख बैरल तेल का उत्पादन कम हो गया है। 9 अप्रैल 2026 को सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस खबर की जानकारी दी। इस हमले का सीधा असर उन देशों पर भी पड़ेगा जो सऊदी से तेल खरीदते हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले को अंजाम देने की बात कबूल की है।
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हमले से उत्पादन पर कितना बुरा असर पड़ा?
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मनिफा प्लांट पर हुए हमले की वजह से वहां से निकलने वाले तेल में करीब 3 लाख बैरल की कमी आई है। इसके अलावा ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमले के कारण भी करीब 7 लाख बैरल तेल का नुकसान हुआ है। मंत्रालय ने कहा है कि बार-बार होने वाले इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई और सुरक्षा पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा।
इस हमले के पीछे कौन है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 8 अप्रैल 2026 को इस हमले की जिम्मेदारी ली। उन्होंने बताया कि यह उनके ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा था, जिसमें 25 से ज्यादा रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। मनिफा प्लांट के पास हर दिन 9 लाख बैरल तेल और गैस को अलग करने की क्षमता है, जिसे इस हमले में नुकसान पहुंचाया गया है। इससे पहले मार्च के महीने में भी सऊदी अरब ने कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया था।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 9 अप्रैल 2026 |
| प्रभावित प्लांट | Manifa Oil Production Plant |
| उत्पादन में कमी | 3,00,000 बैरल प्रतिदिन |
| जिम्मेदारी ली | IRGC (ईरान) |
| पाइपलाइन नुकसान | 7,00,000 बैरल प्रतिदिन |
खाड़ी के अन्य देशों जैसे यूएई, कुवैत और बहरीन ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने एक साझा बयान जारी कर कहा है कि उनके पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। इस घटना से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम कर रहे भारतीयों के बीच भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि तेल उत्पादन पर असर पड़ने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।




