सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी क्षेत्र (Eastern Region) को निशाना बनाकर दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। यह घटना मार्च 2026 में हुए सिलसिलेवार हमलों का हिस्सा मानी जा रही है। सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defenses) ने इन मिसाइलों को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया। मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने पुष्टि की है कि सेना देश की सुरक्षा के लिए हर तरह के खतरों पर कड़ाई से नजर रखे हुए है।

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मार्च महीने में हुए मिसाइल हमलों की जानकारी

मार्च 2026 के दौरान सऊदी अरब के अलग-अलग हिस्सों में कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की गई है। रक्षा मंत्रालय ने इन सभी खतरों का मजबूती से जवाब दिया है। हाल के दिनों में हुई घटनाओं का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:

तारीख हमले का विवरण
27 मार्च 2026 रियाद की तरफ 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, 2 को मार गिराया गया।
25 मार्च 2026 ईस्टर्न रीजन में 1 बैलिस्टिक मिसाइल और 32 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए।
23 मार्च 2026 रियाद और ईस्टर्न प्रोविंस में मिसाइल और 13 ड्रोन नष्ट किए गए।
22 मार्च 2026 रियाद प्रांत में 3 मिसाइलें डिटेक्ट हुईं, एक को नष्ट किया गया।
18 मार्च 2026 रियाद और ईस्टर्न प्रोविंस की ओर दागी गई 6 मिसाइलें तबाह की गईं।

सुरक्षा और प्रवासियों पर हमलों का प्रभाव

सऊदी अरब में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का निशाना अक्सर अरामको के तेल क्षेत्र और प्रिंस सुल्तान एयर बेस जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे होते हैं। हालांकि, सऊदी डिफेंस सिस्टम की सक्रियता के कारण रिहायशी इलाकों में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है।

इन हमलों के पीछे यमन के हूती बलों और अन्य क्षेत्रीय ताकतों का हाथ बताया जाता है। खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक रक्षा बयानों पर ही भरोसा करें। सऊदी सरकार अपनी सीमा और नागरिकों की रक्षा के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि हवाई हमलों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।