सऊदी अरब सरकार ने देश में नेशनल प्राइवेटाइजेशन स्ट्रैटेजी (National Privatization Strategy) को लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने बताया कि आर्थिक और विकास मामलों की परिषद ने इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन चरण को मंजूरी दे दी है। यह बदलाव सऊदी विजन 2030 के तहत किया गया है जिससे देश की अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
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सऊदी अरब में सौदीकरण के नए नियम और कोटा
2026 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत विदेशी स्वामित्व वाली कंपनियों के लिए सौदीकरण का कोटा काफी सख्त कर दिया गया है। अब 100 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में 30 प्रतिशत सऊदी नागरिकों को रखना अनिवार्य होगा। मार्केटिंग और सेल्स जैसे क्षेत्रों में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इसके अलावा कई बड़े प्रोजेक्ट्स में विदेशी विशेषज्ञों को मिलने वाली एक्स्ट्रा सैलरी में भी भारी कटौती की गई है।
प्रवासियों की नौकरियों और इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
इस नई रणनीति के तहत कुल 18 क्षेत्रों को शामिल किया गया है जिनमें निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इसका सीधा असर प्रवासियों की नौकरियों पर पड़ने वाला है क्योंकि सरकार का लक्ष्य स्थानीय नागरिकों को रोजगार देना है। प्रवासियों के लिए अब केवल उच्च-कुशल और तकनीकी क्षेत्रों जैसे एआई और डिजिटल सेक्टर में ही अवसर बचेंगे जबकि सामान्य नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलेगी।
| प्रमुख विवरण | नियम और जानकारी |
|---|---|
| सौदीकरण कोटा | 100+ कर्मचारियों वाली कंपनियों में 30% अनिवार्य |
| मार्केटिंग और सेल्स | 60% सौदीकरण का लक्ष्य |
| जीडीपी लक्ष्य | निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 40% से बढ़ाकर 65% करना |
| प्रभावित क्षेत्र | स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और ऊर्जा सहित 18 क्षेत्र |
| सैलरी प्रीमियम | विदेशी एक्सपर्ट्स के लिए प्रीमियम 5-8% तक घटाया गया |
| गैर-तेल राजस्व लक्ष्य | 2025 तक 143 बिलियन सऊदी रियाल |




