सऊदी अरब की सरकार ने कामगारों और कंपनियों के लिए लेबर नियमों को और सख्त कर दिया है। मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की नई लिस्ट जारी की है। मंत्री अहमद अल-राजही ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यह बदलाव बाजार को स्थिर रखने और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। यह नए नियम और जुर्माने 25 फरवरी से प्रभावी हो गए हैं, जिसका सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीयों पर भी पड़ेगा।

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गलत तरीके से भर्ती और वीज़ा पर भारी जुर्माना

नई घोषणा के अनुसार, अगर कोई कंपनी या मालिक किसी वर्कर को भर्ती करता है लेकिन उसके पास देने के लिए कोई वास्तविक काम नहीं है, तो उस पर भारी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में 2 लाख रियाल से लेकर 10 लाख रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, बिना वर्क परमिट (Work Permit) के किसी गैर-सऊदी को काम पर रखने पर प्रति वर्कर 10,000 रियाल का फाइन देना होगा। बिना लाइसेंस भर्ती करने वालों पर भी नकेल कसी गई है।

उल्लंघन (Violation) जुर्माना (Fine)
बिना काम भर्ती करना 2 लाख से 10 लाख रियाल
बिना परमिट नौकरी देना 10,000 रियाल प्रति वर्कर
पासपोर्ट/इकाम रखना 3,000 रियाल प्रति वर्कर
इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट न होना 1,000 रियाल प्रति वर्कर

पासपोर्ट रखने और कॉन्ट्रैक्ट के नियम बदले

अक्सर देखा जाता है कि कफिल या कंपनी वर्कर का पासपोर्ट और इकामा अपने पास रख लेते हैं। अब ऐसा करना गैर-कानूनी है और इसके लिए 3,000 रियाल का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही, अब पुराने कागज वाले कॉन्ट्रैक्ट नहीं चलेंगे। सरकार ने साफ कहा है कि सभी रोजगार अनुबंध इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज होने चाहिए। अगर कोई कंपनी इसे डिजिटली रिकॉर्ड नहीं करती है, तो उसे 1,000 रियाल का जुर्माना भरना होगा। बच्चों से काम करवाने या मैटरनिटी लीव न देने पर भी सख्त सजा का प्रावधान है।

घरेलू कामगारों के लिए 60 दिन का नया नियम

घरेलू कामगारों (Domestic Workers) के लिए ‘Musaned’ प्लेटफॉर्म पर एक नई सुविधा शुरू की गई है। अगर कोई वर्कर काम पर आना बंद कर देता है, तो मालिक कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर सकता है। इसके बाद अगर वर्कर को सऊदी आए 2 साल से कम हुए हैं, तो उसे 60 दिन के अंदर देश छोड़कर जाना होगा। अगर 2 साल से ज्यादा हुए हैं, तो उसके पास 60 दिन का समय होगा कि वह दूसरी जगह नौकरी ले ले या देश छोड़ दे। तय समय में ऐसा न करने पर उसे डिपोर्ट (Deport) कर दिया जाएगा।