Saudi Arabia New Rules: सऊदी अरब में GCC गाड़ियों पर 90 दिन का नियम लागू, ट्रैफिक गलती पर हो सकते हैं डिपोर्ट
सऊदी अरब की कैबिनेट ने 26 फरवरी को एक अहम बैठक में जीसीसी (GCC) देशों की गाड़ियों के लिए नए नियम को मंजूरी दे दी है। अब कुवैत, बहरीन, कतर या यूएई जैसे देशों के नंबर प्लेट वाली गाड़ियां सऊदी अरब में अपनी मर्जी से अनिश्चित काल तक नहीं रह सकेंगी। सरकार ने इनके रुकने की एक समय सीमा तय कर दी है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले विदेशियों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है, जिसका सीधा असर वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ेगा।
जीसीसी गाड़ियों के रुकने की समय सीमा और शर्तें
नए नियमों के अनुसार, जीसीसी देशों में रजिस्टर्ड गाड़ियां सऊदी अरब में साल भर में सिर्फ 90 दिन ही रुक सकती हैं। यह 90 दिन चाहे आप एक बार में पूरा करें या अलग-अलग ट्रिप में, कुल मिलाकर गिनती 365 दिनों के अंदर की जाएगी। सीमा की गणना उस दिन से शुरू होगी जिस दिन गाड़ी कस्टम पोर्ट से सऊदी में प्रवेश करेगी। यह नियम उन गाड़ियों पर लागू है जो सऊदी नागरिकों या वहां रहने वाले विदेशियों (Expats) के नाम पर हैं।
प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि रेंट यानी किराए पर ली गई गाड़ियों को इस नियम से बाहर रखा गया है। अगर आप किसी रजिस्टर्ड कंपनी से गाड़ी किराए पर लेकर आते हैं, तो 90 दिन वाली पाबंदी लागू नहीं होगी। लेकिन निजी वाहनों के लिए, अगर कोई 90 दिन से ज्यादा रुकना चाहता है, तो उसे समय सीमा खत्म होने से पहले गृह मंत्रालय (MoI) से अनुमति लेनी होगी, जो कि मंत्रालय की मर्जी पर निर्भर करेगा। नियम तोड़ने पर ट्रैफिक कानून के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
ट्रैफिक नियमों पर सख्ती और डिपोर्टेशन का खतरा
सऊदी अरब में अब गाड़ी चलाते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर प्रवासियों को। नए कानून के तहत, अगर कोई प्रवासी (Expat) खतरनाक ड्राइविंग करता है या सड़क पर दूसरों की जान जोखिम में डालता है, तो उसे देश से निकाला (Deport) जा सकता है। एक बार डिपोर्ट होने के बाद वह व्यक्ति दोबारा सऊदी अरब नहीं आ सकेगा क्योंकि उस पर परमानेंट बैन लग जाएगा।
यह सजा पुलिस के चालान काटते ही नहीं मिलेगी, बल्कि कोर्ट के आखिरी फैसले के बाद ही लागू होगी। अगर कोई व्यक्ति एक साल के अंदर दूसरी बार नियम तोड़ता है, तो उसे अधिकतम जुर्माना भरना होगा। वहीं, तीसरी बार गलती करने पर एक साल तक की जेल या दोगुना जुर्माना हो सकता है। यह कदम सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
पेट्रोल के दाम और फहस (Fahas) के नियम
सऊदी अरब में गाड़ी रखने वालों को पेट्रोल और मेंटेनेंस का भी ध्यान रखना होगा। फरवरी 2026 में पेट्रोल 91 का भाव 2.18 रियाल और पेट्रोल 95 का भाव 2.33 रियाल प्रति लीटर पर स्थिर है। डीजल 1.79 रियाल में मिल रहा है। जो लोग हाई-परफॉरमेंस गाड़ियां चलाते हैं, उनके लिए पेट्रोल 98 की कीमत 2.88 रियाल है।
इसके अलावा, गाड़ियों की पासिंग यानी फहस (Fahas) के लिए अब ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। नई प्राइवेट गाड़ियों का पहला फहस रजिस्ट्रेशन के 3 साल बाद होगा, और उसके बाद हर साल कराना होगा। अगर फहस वैलिड नहीं हुआ तो इस्तमारा रिन्यू नहीं होगा और 150 रियाल का जुर्माना भी लग सकता है।




