सऊदी अरब में कामगारों को बुलाना हुआ सस्ता, सरकार ने घटाए रेट, नियमों में हुआ बड़ा बदलाव
सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने के इच्छुक लोगों के लिए बड़ी खबर है। सऊदी सरकार ने घरेलू कामगारों (Domestic Workers) के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है जिससे अब कामगारों को बुलाना मालिकों के लिए काफी सस्ता पड़ेगा। मानव संसाधन मंत्रालय ने अलग-अलग देशों से भर्ती के लिए लगने वाले पैसों की सीमा को घटा दिया है। इसके साथ ही क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब को दुबई से भी आगे ले जाने का लक्ष्य रखा है।
किस देश के कामगारों के लिए कितना कम हुआ खर्चा?
सऊदी अरब के ‘मुसानिद’ (Musaned) प्लेटफॉर्म ने कई देशों से आने वाले घरेलू कामगारों की भर्ती फीस में भारी कटौती की है। इसका सीधा फायदा वहां रह रहे उन भारतीय और विदेशी परिवारों को होगा जो अपने घर के काम के लिए लोगों को स्पॉन्सर करते हैं। फिलीपींस, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों के लिए नए रेट लिस्ट जारी कर दिए गए हैं। नीचे दी गई टेबल में आप नए रेट देख सकते हैं।
| देश (Country) | नया रेट (Riyals) |
| फिलीपींस | 14,700 (पहले 15,900) |
| श्रीलंका | 13,800 (पहले 15,000) |
| बांग्लादेश | 11,750 (पहले 13,000) |
| केन्या | 9,000 (पहले 10,870) |
| युगांडा | 8,300 (पहले 9,500) |
| इथियोपिया | 5,900 (पहले 6,900) |
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
सरकार ने सिर्फ खर्चा ही कम नहीं किया है, बल्कि नियमों को भी सख्त बनाया है। अब कोई भी मालिक (Employer) अपने घरेलू कामगार से भर्ती का पैसा, Iqama की फीस या वर्क परमिट का खर्चा नहीं वसूल सकता है। अगर कोई ऐसा करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही उसे 3 साल तक किसी भी नए कामगार को भर्ती करने से रोक दिया जाएगा। कामगारों की सुरक्षा के लिए अब कॉन्ट्रैक्ट के साथ बीमा (Insurance) भी अनिवार्य कर दिया गया है।
दुबई से आगे निकलने की तैयारी में सऊदी?
सऊदी अरब अब अपनी अर्थव्यवस्था को तेल से हटाकर दूसरे क्षेत्रों में बढ़ा रहा है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ‘विजन 2030’ के तहत रियाद को दुनिया के टॉप 10 शहरों में शामिल करने का प्लान बनाया है। प्रवासियों के लिए 5 नई ‘प्रीमियम रेजिडेंसी’ श्रेणियां शुरू की गई हैं, जिसमें अब बिना कफ़ील (Sponsor) के भी सऊदी में रहा जा सकता है और प्रॉपर्टी खरीदी जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब बड़ी कंपनियों के हेड ऑफिस को दुबई से रियाद लाने की कोशिश में लगा है और पर्यटन का लक्ष्य भी बढ़ाकर 150 मिलियन कर दिया गया है।




