सऊदी अरब में बेरोजगारी की दर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है और सरकार स्थानीय नागरिकों को रोजगार देने के अपने अभियान को सख्ती से लागू कर रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में निजी क्षेत्र के अंदर काम करने वाले स्थानीय नागरिकों की संख्या में भारी उछाल आया है। इस बीच, प्रवासियों के लिए नौकरी के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसका सीधा असर वहां काम कर रहे विदेशियों पर पड़ने वाला है।
जनरल मैनेजर पद को लेकर क्या है नया नियम?
Qiwa प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक तौर पर विदेशियों के लिए ‘जनरल मैनेजर’ (General Manager) के पद को ब्लॉक कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब इस पद पर नियुक्ति केवल सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित रहेगी। इसके अलावा, प्रवासियों के लिए सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, मार्केटिंग स्पेशलिस्ट और प्रोक्योरमेंट मैनेजर जैसे पदों पर जॉब टाइटल (Job Title) बदलने की सेवा को भी रोक दिया गया है।
नियमों के अनुसार, जिन कंपनियों में विदेशी नागरिक अभी जनरल मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें अपना पद बदलकर ‘CEO’ या ‘चेयरमैन’ करना होगा। यदि वे इन पदों के लिए योग्यता पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें यह पद छोड़ना होगा ताकि वहां सऊदी नागरिक को नियुक्त किया जा सके।
बेरोजगारी दर और वेतन में कितना बदलाव आया?
सऊदी नागरिकों के बीच बेरोजगारी दर गिरकर 6.3% हो गई है, जो कि सऊदी विजन 2030 के 7% के लक्ष्य से भी कम है। मानव संसाधन मंत्री अहमद अल-राजही ने जानकारी दी है कि निजी क्षेत्र में काम करने वाले सऊदी नागरिकों की संख्या अब 25 लाख (2.5 million) तक पहुंच गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, निजी क्षेत्र में सऊदी नागरिकों के औसत वेतन में 45% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। राजनीतिक अर्थव्यवस्था के शोधकर्ता डॉ. मुहम्मद अल-तय्यार का कहना है कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि इससे निजी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ी है और यह तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम है।
इंजीनियरिंग और मार्केटिंग सेक्टर में क्या नियम हैं?
सरकार ने 19 जनवरी 2026 से मार्केटिंग और सेल्स प्रोफेशन में 60% साउदीकरण (Saudization) का नियम लागू कर दिया है। यह नियम उन फर्मों पर लागू होगा जहां 3 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं। इसके साथ ही इंजीनियरिंग क्षेत्र में सऊदीकरण की दर को बढ़ाकर 30% कर दिया गया है।
वेतन के मानकों को भी स्पष्ट किया गया है। अब सऊदी इंजीनियरों के लिए न्यूनतम वेतन 8,000 रियाल तय किया गया है, जबकि मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के लिए यह सीमा 5,500 रियाल रखी गई है। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय लगातार निगरानी कर रहा है।




