Saudi Arabia Jobs: सऊदी अरब में बदला बड़ा नियम, अब मैनेजर और HR की नौकरी प्रवासियों को नहीं मिलेगी
सऊदी अरब में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और कामगारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सऊदी सरकार अपने ‘विजन 2030’ के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए सऊदीकरण (Saudization) को बहुत तेजी से लागू कर रही है। नए आदेश के मुताबिक, अब कई मोटी सैलरी वाली नौकरियां और ऊंचे पद केवल सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं, जिससे वहां रह रहे भारतीयों के लिए प्रमोशन और नई नौकरी के रास्ते कठिन हो गए हैं।
किन बड़े पदों पर अब विदेशियों को नौकरी नहीं मिलेगी?
सऊदी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कुछ प्रमुख पद अब 100% स्थानीय नागरिकों के लिए रिजर्व रहेंगे। सबसे बड़ा झटका ‘जनरल मैनेजर’ (GM) के पद को लेकर है। अब किसी भी प्रवासी को जनरल मैनेजर का इकामा (Iqama) जारी नहीं किया जाएगा। जो विदेशी पहले से इस पद पर काम कर रहे हैं, उन्हें अपना पद बदलकर ‘CEO’ या ‘Chairman’ करना होगा, जिसके लिए नियम बहुत सख्त हैं।
इसके अलावा, ‘क़िवा’ (Qiwa) प्लेटफॉर्म ने प्रवासियों के लिए मैनेजर और मार्केटिंग स्पेशलिस्ट जैसे पदों पर टाइटल बदलने की सेवा बंद कर दी है। मानव संसाधन (HR), सेक्रेटरी, रिसेप्शनिस्ट और सिक्योरिटी गार्ड जैसे पद पहले ही पूरी तरह से सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित किए जा चुके हैं, यानी इन पदों पर अब भारतीयों या अन्य विदेशियों की भर्ती नहीं हो सकेगी।
वेतन और कोटा को लेकर क्या हैं नए नियम?
सऊदी अरब के मानव संसाधन मंत्रालय (MHRSD) ने 2025-26 के लिए कई सेक्टर्स में स्थानीयकरण का कोटा बढ़ा दिया है। कंपनियों को इन पदों पर सऊदी नागरिकों को रखने के लिए एक तय न्यूनतम वेतन भी देना होगा। नीचे दी गई तालिका में आप देख सकते हैं कि किस सेक्टर में कितना बदलाव हुआ है:
| सेक्टर/पद | सऊदीकरण कोटा | सऊदी नागरिक का न्यूनतम वेतन |
|---|---|---|
| मार्केटिंग और सेल्स | 60% अनिवार्य | 5,500 रियाल |
| प्रोक्योरमेंट (खरीद विभाग) | 70% अनिवार्य | – |
| इंजीनियरिंग पद | 30% अनिवार्य | 8,000 रियाल |
| दंत चिकित्सा (Dentistry) | – | 9,000 रियाल |
भारतीय कामगारों पर इन फैसलों का क्या असर होगा?
सऊदी अरब में करीब 24 से 26 लाख भारतीय काम करते हैं, जो वहां सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। नए नियमों के तहत अब भारतीयों को वर्क वीजा लेने के लिए अपनी डिग्री और स्किल का ‘प्रोफेशनल वेरिफिकेशन’ करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि बिना जांच के अब वीजा मिलना मुश्किल होगा।
हालांकि, एक राहत की खबर यह है कि सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल सेक्टर में कंपनियों के लिए प्रवासी लेवी (Expat Levy) को माफ कर रखा है। लेकिन ऑफिस जॉब्स, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग में भारतीयों के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है। अब सऊदी में केवल उन्हीं प्रवासियों के लिए अच्छे अवसर बचेंगे जिनके पास बहुत उच्च तकनीकी कौशल है या वो ऐसे काम जानते हैं जो स्थानीय लोग नहीं कर सकते।




