सऊदी अरब की सरकार ने फरवरी 2026 के महीने के लिए तेल उत्पादन के ताज़ा आंकड़े जारी कर दिए हैं। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GaStat) के मुताबिक, सऊदी का तेल उत्पादन बढ़कर अब 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने और सप्लाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए लिया गया है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर सऊदी की औद्योगिक प्रगति पर भी देखने को मिला है।

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तेल उत्पादन और शिपमेंट में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई?

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में तेल का उत्पादन 10.086 मिलियन बैरल प्रतिदिन था, जो फरवरी में बढ़कर 10.1 मिलियन बैरल हो गया। इसके अलावा, तेल टैंकरों की ट्रैकिंग से यह भी पता चला है कि जनवरी के मुकाबले शिपमेंट में 4 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है।

सऊदी की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र पर क्या असर हुआ?

  • सऊदी अरब का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IPI) सालाना आधार पर 8.9 प्रतिशत बढ़ा है।
  • माइनिंग और तेल निकालने वाली गतिविधियों में पिछले साल के मुकाबले 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है।
  • तेल उत्पादन में बढ़ोतरी से देश की कुल औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिली है।
  • यह वृद्धि सऊदी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।

सऊदी अरब के इस फैसले का असर उन प्रवासियों पर भी पड़ेगा जो वहां तेल और गैस सेक्टर में काम कर रहे हैं, क्योंकि उत्पादन बढ़ने से काम की गति बनी रहती है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने यह सारी जानकारी 9 अप्रैल 2026 को जारी की है, जो सऊदी की आर्थिक स्थिति को बेहतर दिखाने में मदद करती है।