Saudi Arabia New Statement: सऊदी अरब ने UN में फिलिस्तीन का किया समर्थन, इजरायल की कार्रवाई को बताया गलत
सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी है। 18 और 19 फरवरी 2026 को हुई हाई-लेवल मीटिंग में किंगडम ने दो-राज्य समाधान की मांग दोहराई। सऊदी अरब का कहना है कि 1967 की सीमाओं के साथ पूर्वी यरूशलेम को फिलिस्तीन की राजधानी बनाया जाना चाहिए। राजदूत डॉ. अब्दुलअजीज अलवासिल ने कहा कि इजरायल की मौजूदा नीतियां शांति के रास्ते में बड़ी रुकावट हैं।
UN बैठक में सऊदी अरब ने क्या मांगें रखीं
सऊदी अरब ने इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक में जमीन के रजिस्ट्रेशन और नए निर्माण को अवैध बताया है। राजदूत अलवासिल ने कहा कि इन कदमों से फिलिस्तीन राज्य के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश की जा रही है। सऊदी अरब ने मांग की है कि रमजान के दौरान और उससे पहले गाजा में मानवीय मदद पहुंचाने के लिए सभी रास्ते खोले जाएं। उन्होंने UNRWA जैसी मदद पहुंचाने वाली संस्थाओं की सुरक्षा पर भी जोर दिया है।
गाजा के लिए 5 बिलियन डॉलर का फंड और भविष्य की योजना
वाशिंगटन में हुई Board of Peace की बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण पर चर्चा की गई। इस नई बॉडी में सऊदी अरब ने भी हिस्सा लिया और गाजा में शांति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय फोर्स और एक अंतरिम सरकार की वकालत की। इस बैठक में गाजा को दोबारा बसाने के लिए 5 बिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि देने का वादा किया गया है।
| महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मदद का स्तर | फिलहाल हर हफ्ते 4,200 ट्रक गाजा जा रहे हैं |
| शांति योजना | संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 2803 के तहत फेज 2 प्लान |
| आर्थिक फंड | पुनर्निर्माण के लिए 5 बिलियन डॉलर का वादा |
| सऊदी का रुख | बिना फिलिस्तीनी राज्य के सामान्य संबंध संभव नहीं |




