सऊदी का बड़ा फैसला, मक्का में उमराह यात्रियों के लिए खुला ‘Safe Heart Zone’, हार्ट अटैक पर तुरंत मिलेगा इलाज
सऊदी अरब ने मक्का की मस्जिद अल-हरम में उमराह यात्रियों और जियारत करने वालों के लिए Safe Heart Zone की शुरुआत की है. यह मेडिकल सेंटर 14 मार्च से पूरी तरह चालू हो गया है. रमजान के महीने में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए इसे शुरू किया गया है ताकि किसी को हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी होने पर तुरंत इलाज दिया जा सके. इस पहल से मक्का आने वाले लाखों विदेशी और भारतीय यात्रियों को स्वास्थ्य के मोर्चे पर काफी राहत मिलेगी.
‘Safe Heart Zone’ में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस स्पेशल सेंटर को गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए तैयार किया गया है. इसमें कई तरह की आधुनिक मशीनें और बेड लगाए गए हैं.
- सेंटर में 10 कार्डियक इंटेंसिव केयर (ICU) बेड मौजूद हैं.
- यहां 30 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की एक टीम हर वक्त तैनात रहेगी.
- अल-हरम अस्पताल में एक मोबाइल कैथेटराइजेशन लैब बनाई गई है, जिससे तुरंत सर्जरी की जा सकेगी.
- मरीजों की जान बचाने के लिए ECMO डिवाइस और स्टेंट जैसी जरूरी चीजें भी रखी गई हैं.
इमरजेंसी में कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
अगर मक्का में किसी यात्री को दिल का दौरा पड़ता है या तबीयत बिगड़ती है, तो Saudi Red Crescent Authority मरीज को तुरंत इस सेंटर तक पहुंचाएगी. मस्जिद अल-हरम के पास मौजूद तीन अलग-अलग हेल्थ सेंटरों से भी गंभीर मरीजों को सीधे यहां रेफर किया जाएगा. स्वास्थ्य अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य यह है कि भीड़भाड़ वाले समय में मरीजों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द इलाज मिल सके. मरीज को दूर के किसी बड़े अस्पताल ले जाने में जो समय बर्बाद होता था, वह अब बच जाएगा.
सऊदी विजन 2030 के तहत हेल्थकेयर में सुधार
यह पूरा प्रोजेक्ट Makkah Health Cluster और किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी की देखरेख में चल रहा है. यह सऊदी अरब के Saudi Vision 2030 के हेल्थ सेक्टर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा है. इसके तहत सऊदी सरकार उमराह करने आने वाले सभी लोगों को बेहतर और तेज मेडिकल सुविधा मुहैया करा रही है. गल्फ देशों में रहने वाले और वहां से मक्का जाने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह एक अच्छी खबर है, क्योंकि इससे सफर के दौरान उन्हें एक सुरक्षित मेडिकल सिस्टम का भरोसा मिलेगा.




