Saudi Arabia Security Update: ईरान के मिसाइल हमले के बाद सऊदी अरब में हाई अलर्ट, जॉर्डन ने किया समर्थन का ऐलान
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में सुरक्षा हालात को लेकर नया अपडेट सामने आया है. 8 और 9 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तीन बैलिस्टिक मिसाइल दागे गए, जिन्हें सऊदी सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया. इस घटना के बाद जॉर्डन सरकार ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है. जॉर्डन ने साफ कहा है कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और वहां के नागरिकों की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम में उनके साथ खड़ा है.
अमेरिका ने जारी किया अलर्ट, जानिए क्या है हालात
सऊदी अरब में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा आदेश जारी किया है. अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने के लिए कह दिया है. इसके साथ ही रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को अपनी जगह पर सुरक्षित रहने (Shelter in Place) की सलाह दी है. मौजूदा हालात को देखते हुए सऊदी अरब, जॉर्डन, ओमान और UAE के लिए सुरक्षा अलर्ट का लेवल बढ़ाकर 3 कर दिया गया है.
फ्लाइट्स और आम प्रवासियों पर असर
इस ताजा घटनाक्रम का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत से यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब और जॉर्डन का एयरस्पेस अभी पूरी तरह खुला हुआ है, लेकिन सुरक्षा कारणों से कई फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं और उड़ान में देरी हो रही है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें. इसके अलावा दोनों देशों की सीमाओं और महत्वपूर्ण जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
जॉर्डन और सऊदी अरब का साझा रुख
जॉर्डन के प्रधानमंत्री डॉ. जाफर हसन और किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने सऊदी अरब को पूरा समर्थन दिया है. जॉर्डन का कहना है कि दोनों देश एक एकजुट मोर्चे की तरह खड़े हैं. वहीं सऊदी कैबिनेट ने भी साफ किया है कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी कड़े कदम उठाए जाएंगे. अमेरिका और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने भी इन हमलों की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है.




