सऊदी अरब में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 1 किलो का भाव 10,400 रियाल के करीब पहुंचा
ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ सऊदी अरब में भी चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 11 मार्च 2026 को सऊदी न्यूज 50 की एक रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई है। इस गिरावट के बाद सऊदी के स्थानीय बुलियन बाजार में 1 किलो चांदी का भाव गिरकर 10,400 से 10,500 सऊदी रियाल के आस-पास आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट मार्केट में चांदी 86.00 से 87.00 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है, जो कुछ समय पहले 121.64 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
चांदी की कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस अचानक आई कमी के पीछे कई बड़े कारण हैं जो सीधे तौर पर ग्लोबल मार्केट से जुड़े हैं।
- मार्जिन में भारी बढ़ोतरी: CME Group ने सिल्वर फ्यूचर्स पर 36 प्रतिशत मार्जिन बढ़ा दिया है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया।
- डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और ट्रेजरी यील्ड के 4 प्रतिशत के करीब पहुंचने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए चांदी महंगी हो गई।
- मुनाफावसूली का दौर: जब चांदी का भाव 95 डॉलर के करीब था, तब निवेशकों ने अपना मुनाफा निकालने के लिए भारी मात्रा में चांदी बेची।
- पश्चिम एशिया के हालात: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों ने भी कीमतों को नीचे लाने का काम किया है।
सऊदी अरब में कीमती धातुओं की बिक्री के सख्त नियम
सऊदी अरब में कीमती धातुओं के कारोबार को लेकर नए और सख्त नियम लागू किए गए हैं। कैबिनेट के फैसले नंबर 269 के तहत अब इस पूरे सेक्टर की निगरानी उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय कर रहा है। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) भी अर्थव्यवस्था पर कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव की निगरानी कर रहा है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।
नए नियमों के अनुसार, सोने और चांदी बेचने वाले सभी दुकानदारों और कारोबारियों को एक विशेष इनवॉइस देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बिल में बेचने वाले की पहचान, उसकी राष्ट्रीयता और प्रोडक्ट की शुद्धता तथा वजन का सही विवरण होना जरूरी है। बिना पूरी जानकारी और कीमत बताए कीमती धातुओं का विज्ञापन करना सऊदी अरब में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
निवेशकों को विशेषज्ञों की सलाह
भले ही अभी चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में 100 मिलियन औंस चांदी की भारी कमी बनी हुई है। टाटा म्यूचुअल फंड और ऑगमोंट बुलियन जैसे विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय में यह कमी कीमतों को एक मजबूत आधार दे सकती है।
सिटीग्रुप और जेपी मॉर्गन के विशेषज्ञों ने भी कहा है कि फिजिकल सप्लाई कम होने पर भविष्य में कीमतों में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में चांदी में निवेश करने वालों को बाजार के हालात देखकर ही अपने कदम आगे बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।




