सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर S&P का बड़ा भरोसा, स्टेबल आउटलुक के साथ बरकरार रखी ‘A+’ रेटिंग
सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर एक अहम अपडेट आया है। 13 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी S&P Global Ratings ने सऊदी अरब की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल आउटलुक के साथ ‘A+’ पर बरकरार रखा है। क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद देश की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर (NDMC) और वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर यह आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई है।
क्रेडिट रेटिंग और मुख्य आर्थिक आंकड़े
S&P ने सऊदी अरब की लॉन्ग-टर्म विदेशी और स्थानीय मुद्रा रेटिंग को ‘A+’ और शॉर्ट-टर्म रेटिंग को ‘A-1’ पर रखा है। इसके साथ ही देश का आउटलुक स्टेबल बताया गया है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले सालों में अर्थव्यवस्था में तेजी बनी रहेगी और 2026 के लिए रियल GDP ग्रोथ 4.6% रहने का अनुमान है।
- Long-Term Rating: ‘A+’
- Short-Term Rating: ‘A-1’
- GDP Growth (2026): 4.6%
- बजट घाटा (2026 अनुमानित): 165 अरब सऊदी रियाल
- Debt-to-GDP (2025): 33%
लॉजिस्टिक मजबूती और Vision 2030 का असर
S&P की रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब मौजूदा क्षेत्रीय विवादों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। देश के पास Red Sea के जरिए तेल निर्यात करने की क्षमता और विशाल तेल भंडारण की सुविधा है। यह क्षमता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में होने वाले किसी भी खतरे के प्रभाव को कम करती है। इसके अलावा Vision 2030 के तहत हो रहे सुधार इस मजबूत रेटिंग का एक बड़ा कारण हैं।
देश के नॉन-ऑयल सेक्टर में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) की मदद से Neom जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। सरकार के पास पर्याप्त एसेट मौजूद हैं जिससे इन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सकेगा। आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार घरेलू कैपिटल मार्केट के विस्तार से सऊदी अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल रहा है।




