सऊदी अरब ने अफ्रीका के सोने के व्यापार में एक बड़ा कदम उठाया है। उसने सूडान से सीधे सोना खरीदने की घोषणा की है। यह कदम अफ्रीका में सोने के व्यापार पर दुबई के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को चुनौती दे रहा है। सूडान के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि अब उसे अपनी खनिज संपदा के लिए एक ज्यादा पारदर्शी और लाभदायक चैनल मिलेगा। साल 2025 में सूडान ने 70 टन सोने का उत्पादन किया था, लेकिन उसमें से सिर्फ 20 टन ही आधिकारिक तौर पर निर्यात हो पाया था। इस नए समझौते से तस्करी रोकने और आधिकारिक निर्यात बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सऊदी अरब और सूडान के बीच क्या हुआ समझौता?
रियाद में हुए 5वें Future Minerals Forum के दौरान Saudi Minister of Industry and Mineral Resources Bandar Alkhorayef और Sudan के Minister of Minerals Nour al-Dayem Taha के बीच बातचीत हुई थी। इसी दौरान सऊदी अरब ने सूडानी सोना खरीदने की अपनी इच्छा जताई। बाद में Saudi Gold Refinery के चेयरमैन Suleiman bin Saleh al-Othaim और सूडानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मुलाकात में यह पुष्टि की गई कि सऊदी Gold Refinery सूडानी सोने को तुरंत प्रोसेस करने के लिए तैयार है। उनके पास इसके लिए आधुनिक लैब और एक मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मौजूद है।
सूडान के लिए इस बदलाव का क्या मतलब है?
सूडान के लिए यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि वह लंबे समय से अपने सोने के निर्यात के लिए दुबई पर निर्भर था। इस कदम से देश की खनिज संपदा के लिए एक ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और लाभदायक रास्ता खुलेगा। इससे आधिकारिक निर्यात बढ़ेंगे और सोने की तस्करी पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही, रुके हुए उत्पादन और सोने की खोज वाली परियोजनाओं को तकनीकी और वित्तीय मदद मिलने की उम्मीद है। Sudan के Finance Minister Gibril Ibrahim ने बताया था कि साल 2025 में देश में 70 टन सोने का उत्पादन हुआ, लेकिन उसमें से सिर्फ 20 टन ही आधिकारिक तौर पर निर्यात हो पाया था।
सूडान के सोने के उत्पादन और निर्यात का डेटा (2025):
| विवरण | मात्रा (टन में) |
|---|---|
| कुल सोने का उत्पादन | 70 |
| आधिकारिक तौर पर निर्यात किया गया सोना | 20 |
दुबई के लिए क्यों है यह चुनौती?
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अफ्रीका के पूर्वी और मध्य हिस्सों में सोने के निर्यात में दुबई के सालों से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देता है। सऊदी अरब सोने के व्यापार के लिए एक नया केंद्र बनाकर अफ्रीका के संसाधन क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके अलावा, सूडान के सैन्य अधिकारियों ने UAE पर अपने आंतरिक संघर्ष में शामिल होने का आरोप लगाया है। कई विश्लेषक मानते हैं कि UAE पर बढ़ते अविश्वास ने भी सूडान को अपने निर्यात बाजार को बदलने के लिए प्रेरित किया होगा। सऊदी अरब के साथ जुड़कर सूडान को एक विश्वसनीय और सरकारी समर्थन वाला पार्टनर मिला है, जिससे राजनीतिक उलझनों से सोने के राजस्व पर पड़ने वाले जोखिम कम हो सकते हैं।
आगे क्या योजनाएं हैं?
दोनों देशों के मंत्रियों ने खनन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, आपसी निवेश का विस्तार करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की है। इस समझौते में सऊदी कंपनियों को तालक (talc), माइका (mica), क्रोम (chrome) और मैंगनीज (manganese) जैसे औद्योगिक खनिजों के लिए सूडान में खोज के अधिकार देना भी शामिल है। Sudan के Minister Taha ने सऊदी निवेश के लिए सभी जरूरी सुविधाएं देने की बात कही है, जिससे सूडान की खनन संरचना आधुनिक बन सके और उसकी विशाल खनिज क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो सके।
अस्वीकरण: किसी भी बाजार या व्यापारिक गतिविधि में निवेश या भागीदारी में जोखिम शामिल होता है। यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्यों के लिए है और इसका उद्देश्य निवेश या व्यापारिक सलाह देना नहीं है।
Last Updated: 21 January 2026




