सऊदी अरब ने इराकी राजदूत को तलब किया है। यह कदम उन हमलों और धमकियों के बाद उठाया गया जो इराकी इलाके से सऊदी और अन्य खाड़ी देशों को निशाना बना रहे हैं। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और राजनयिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

🚨: Saudi Arabia News: सऊदी ने बुलाया इराक की राजदूत को, ड्रोन हमलों को लेकर बढ़ी तनातनी, आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार

इराकी जमीन से हो रहे हमलों का क्या मामला है?

सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर लगातार ड्रोन और मिसाइलों से हमले हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले इराकी जमीन पर मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा किए जा रहे हैं। 8 अप्रैल को सऊदी अधिकारियों ने पूर्वी प्रांत में 9 ड्रोन और 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया था। इन हमलों की वजह से ऊर्जा केंद्रों, बंदरगाहों और रिहायशी इलाकों में नुकसान हुआ है।

अन्य देशों और सरकारों का इस पर क्या कहना है?

  • खाड़ी देशों का साझा बयान: 30 मार्च को सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताया और इराकी सरकार को अपने देश के सशस्त्र समूहों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
  • अमेरिका की कार्रवाई: अमेरिका ने भी 9 या 10 अप्रैल को इराकी राजदूत निज़ार खिरुल्ला को तलब किया था। यह कदम बगदाद में अमेरिकी राजनयिकों और सुविधाओं पर हुए हमलों के विरोध में उठाया गया था।
  • इराक का जवाब: इराकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरब देशों की सुरक्षा इराक की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और वह अपने इलाके का इस्तेमाल किसी दूसरे देश को निशाना बनाने के लिए नहीं होने देगा।