सऊदी अरब ने एक बार फिर लेबनान की सरकार का साथ देने की बात कही है। सऊदी अरब चाहता है कि लेबनान में पूरी ताकत और हथियारों का कंट्रोल सिर्फ वहां की कानूनी संस्थाओं के पास रहे। इस बयान के आने से लेबनान में स्थिरता लाने की कोशिशों को और मजबूती मिली है।
लेबनान सरकार ने हथियारों को लेकर क्या कदम उठाए?
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने 2 मार्च 2026 को एक बड़ा फैसला लिया था। उन्होंने हिज़्बुल्लाह की मिलिट्री और सुरक्षा गतिविधियों पर रोक लगा दी। सरकार ने सेना को आदेश दिया कि वह हथियारों को केवल सरकारी नियंत्रण में रखे, खासकर लिटानी नदी के उत्तरी इलाके में। फिलहाल लेबनान की सुरक्षा बल उन लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं जिनके पास अवैध हथियार हैं और इसमें हिज़्बुल्लाह के सदस्य भी शामिल हैं।
अन्य देशों और संगठनों का इस पर क्या स्टैंड है?
GCC के महासचिव और अरब आंतरिक मंत्रियों की परिषद ने लेबनान के इस फैसले का स्वागत किया है। अमेरिका और सऊदी अरब भी लेबनान की सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही है। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने की मांग की है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 2 मार्च 2026 | प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिज़्बुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाई |
| 1 अप्रैल 2026 | अरब आंतरिक मंत्रियों की परिषद ने लेबनान की एकता का समर्थन किया |
| 6 अप्रैल 2026 | सऊदी और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों ने हथियारों को राज्य के हाथ में रखने पर सहमति जताई |
| 10 अप्रैल 2026 | GCC महासचिव ने लेबनान द्वारा राज्य का अधिकार बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया |
| 15 अप्रैल 2026 | राष्ट्रपति जोसेफ औन ने सऊदी क्राउन प्रिंस की कोशिशों की तारीफ की |
| 16 अप्रैल 2026 | सऊदी अरब ने लेबनान की संप्रभुता और हथियारों पर सरकारी नियंत्रण का समर्थन किया |
