अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भारी तनातनी में अब एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देश युद्ध विराम के लिए राजी हो गए हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले का दिल से स्वागत किया है और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ-साथ आर्मी चीफ आसिम मुनीर की कोशिशों की जमकर तारीफ की है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए यह शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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इस युद्ध विराम से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने शर्त रखी है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से खोलना होगा। इसके तुरंत बाद 8 अप्रैल को पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर युद्ध विराम की घोषणा कर दी। अब इस मामले को पूरी तरह सुलझाने के लिए 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बड़ी बैठक होने वाली है।

शांति प्रक्रिया में शामिल देशों का क्या कहना है?

  • ईरान: ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर हमले रुकते हैं तो वे भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देंगे और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देंगे।
  • सऊदी अरब: सऊदी सरकार ने पाकिस्तान की कोशिशों को सराहा है और कहा है कि वे क्षेत्र की स्थिरता के लिए इस समझौते का पूरा समर्थन करते हैं।
  • इजरायल: इजरायल ने ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है लेकिन साफ कर दिया है कि लेबनान में उसकी कार्रवाई इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
  • संयुक्त राष्ट्र: यूएन ने इस दो हफ्ते के युद्ध विराम को शांति की ओर एक मजबूत शुरुआत बताया है।

शांति वार्ता और प्रमुख घटनाओं का समय

कार्यक्रम निर्धारित तारीख
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमले रोकने की घोषणा 7 अप्रैल 2026
पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का ऐलान 8 अप्रैल 2026
इस्लामाबाद में वार्ता की शुरुआत 10 अप्रैल 2026
मध्यस्थता करने वाले मुख्य अधिकारी शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.