सऊदी अरब में खेती और पौधों की सेहत को बचाने के लिए एक नया और आधुनिक सिस्टम लागू किया गया है। Weqaa Center ने इस पहल की शुरुआत की है ताकि देश में खाद्य सुरक्षा (Food Security) को मजबूत किया जा सके। इस नए सिस्टम की मदद से फसलों को बीमारियों और खतरनाक कीड़ों से बचाने में मदद मिलेगी जिससे किसानों को फायदा होगा।

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Weqaa Center का यह नया सिस्टम क्या है और कैसे काम करेगा?

Weqaa Center ने एक ऐसा तरीका अपनाया है जिसमें पर्यावरण, जैविक और रासायनिक नियंत्रणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, आधुनिक तकनीक की मदद से बीमारियों को एक जगह से दूसरी जगह फैलने से रोका जाएगा। इस सिस्टम का मुख्य ध्यान उन कीड़ों, जैसे मच्छरों और मक्खियों को कम करने पर है जो बीमारियां फैलाते हैं। इसके लिए सबूतों और सही डेटा के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।

खेती और पौधों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या काम हुआ?

साल 2025 के दौरान इस सेंटर ने बहुत बड़े स्तर पर काम किया है, जिसके आंकड़े नीचे दिए गए हैं:

  • कीटों की जांच के लिए 91,054 सर्वे किए गए।
  • पर्यावरण को नियंत्रित करने के लिए 1,55,724 ऑपरेशन चलाए गए।
  • देशभर के 15,000 से ज़्यादा फार्मों में 5,000 से अधिक फील्ड विजिट किए गए।
  • बीमारियों की जानकारी जुटाने और विश्लेषण करने के लिए अब ऑटोमेशन का इस्तेमाल हो रहा है।

इस मुहिम का असली मकसद और भविष्य का लक्ष्य क्या है?

Weqaa Center के CEO इंजीनियर अयमन बिन साद अल गामदी ने बताया कि विज़न 2030 के तहत सऊदी अरब का लक्ष्य पूरी तरह से खाद्य सुरक्षा पाना है। सरकार चाहती है कि रासायनिक कीटनाशकों (Chemical Pesticides) पर निर्भरता कम हो और खेती को टिकाऊ बनाया जाए। इस काम को बेहतर करने के लिए Weqaa Center ने King Faisal University और Agricultural Development Fund जैसी संस्थाओं के साथ समझौता भी किया है ताकि रिसर्च और ट्रेनिंग को बढ़ावा मिले।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Weqaa Center क्या है और इसका काम क्या है?

यह पौधों के कीटों और जानवरों की बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए बनाया गया एक राष्ट्रीय केंद्र है, जो सऊदी अरब में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करता है।

इस नए सिस्टम से फसलों को क्या फायदा होगा?

इस सिस्टम से फसलों में बीमारियों का खतरा कम होगा, रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल घटेगा और कृषि उत्पादन में होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।