सऊदी अरब की सरकार ने कामकाजी माता-पिता की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब बड़े सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में बच्चों के लिए नर्सरी खोली जाएगी. इस फैसले का मुख्य मकसद महिलाओं को नौकरी में आगे बढ़ाना और बच्चों की सही देखभाल करना है, जो सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है.

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सऊदी सरकार का नया फैसला क्या है?

काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 20 अप्रैल 2026 को फैसला नंबर 783 जारी किया. इसके तहत शिक्षा मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) को निर्देश दिया गया है कि वे उन कार्यस्थलों पर नर्सरी खोलें जहां कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है. यह खबर 8 मई 2026 को सरकारी अखबार उम्म अल-कुरा में छपी थी. सरकार का लक्ष्य लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाना और ऑफिस के समय के हिसाब से नर्सरी का समय तय करना है ताकि माता-पिता को कोई दिक्कत न हो.

नर्सरी न खोलने पर क्या होगा जुर्माना?

सऊदी लेबर लॉ के आर्टिकल 159 के अनुसार, जिन कंपनियों में 50 या उससे ज्यादा महिला कर्मचारी काम करती हैं और वहां 6 साल से कम उम्र के 10 या उससे ज्यादा बच्चे हैं, उन्हें बच्चों की देखभाल के लिए उचित जगह देना जरूरी है. अगर कंपनियां इस नियम का पालन नहीं करती हैं, तो MHRSD द्वारा 3,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जा सकता है. सरकार इन नर्सरी के लिए बजट, बेहतर इंटरनेट और स्टाफ की सुविधा देने पर भी जोर दे रही है.

आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

इस पहल से सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को काफी राहत मिलेगी. अब कामकाजी माताओं को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता किए बिना काम पर आने में आसानी होगी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक देश के 13 क्षेत्रों में 1,900 लाइसेंस प्राप्त चाइल्डकेयर सेंटर खुल चुके हैं, जिनसे 60,000 से ज्यादा बच्चों को फायदा मिल रहा है. इसके अलावा, सरकार निवेशकों को भी इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस और वित्तीय मदद दे रही है ताकि इस सेक्टर को और बढ़ाया जा सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यह नियम सिर्फ सरकारी ऑफिसों के लिए है?

नहीं, यह नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के उन ऑफिसों के लिए है जहां कर्मचारियों की संख्या अधिक है.

लेबर लॉ के तहत नर्सरी के लिए क्या शर्त है?

जिन कंपनियों में 50 या उससे अधिक महिला कर्मचारी हैं और कम से कम 10 बच्चे (6 साल से कम) हैं, उनके लिए यह सुविधा देना अनिवार्य है.