दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर बड़ी चिंता बढ़ गई है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने साफ कहा है कि तेल के भंडार कम हो रहे हैं और इस संकट से निपटने के लिए अब और पैसा लगाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात पहले जैसे नहीं हैं और इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।

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तेल की सप्लाई में क्यों आई कमी और क्या है असली वजह?

अमीन नासिर ने बताया कि पिछले दो महीनों में दुनिया भर में तेल की सप्लाई में लगभग 1 बिलियन बैरल की कमी आई है। उन्होंने कहा कि कई सालों तक निवेश कम होने की वजह से अब स्टॉक पर दबाव बढ़ गया है। इस बार का संकट पहले के मुकाबले अलग है क्योंकि तेल सुविधाओं पर हमले बढ़े हैं और रुकावटें बहुत लंबी हैं। अगर जहाजों की आवाजाही में कुछ हफ्ते और दिक्कत रही, तो बाजार में यह परेशानी 2027 तक खिंच सकती है।

सऊदी अरामको की रणनीति और दुनिया पर असर

सऊदी अरामको ने संकट से बचने के लिए अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को पूरी क्षमता पर चलाया है, जिससे हर दिन 7 मिलियन बैरल तेल भेजा जा रहा है। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते की रुकावट को खत्म करने के लिए उठाया गया है। वहीं, IEA ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान बताया है और IMF ने चेतावनी दी है कि इस वजह से 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास घटकर 3.1% रह सकता है।

तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम लोगों और व्यापार पर पड़ता है। नीचे दी गई टेबल में वर्तमान स्थिति से जुड़े मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

मुख्य विवरण आंकड़ा/जानकारी
सप्लाई में कमी लगभग 1 बिलियन बैरल
पाइपलाइन क्षमता 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन
ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा
अरामको का शुद्ध लाभ 25-26% की बढ़ोतरी
वैश्विक विकास अनुमान (IMF) 3.1% (2026 में)
लाभ वृद्धि का दौर 12 तिमाहियों बाद पहली बार

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेल की सप्लाई में कितनी कमी आई है और इसका कारण क्या है?

पिछले दो महीनों में वैश्विक तेल आपूर्ति में लगभग 1 बिलियन बैरल की कमी आई है। इसका मुख्य कारण वर्षों तक कम निवेश और तेल सुविधाओं पर बढ़ते हमले हैं।

सऊदी अरामको सप्लाई संकट को कम करने के लिए क्या कर रहा है?

कंपनी अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अधिकतम क्षमता (7 मिलियन बैरल प्रतिदिन) पर चला रही है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करके लाल सागर के बंदरगाहों से निर्यात किया जा सके।