सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz बंद रहा, तो दुनिया को हर हफ्ते करीब 100 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई का नुकसान हो सकता है। मौजूदा तनाव और समुद्री झड़पों के बीच तेल की मांग और सप्लाई का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। अमीन नासिर के मुताबिक, जब तक सप्लाई प्रभावित रहेगी, तब तक बाजार में तेल की भारी कमी बनी रह सकती है।

ℹ️: तेल की दुनिया में मची खलबली, सऊदी अरामको CEO ने दी चेतावनी, अब बढ़ सकते हैं दाम और होगी भारी किल्लत

Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

अमीन नासिर के अनुसार, यदि यह समुद्री रास्ता बंद रहता है तो तेल उद्योग के लिए इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 में सप्लाई में इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान आया है। गोल्डमैन सैश ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल भंडार मई 2026 के अंत तक तेजी से गिरकर 98 दिनों की खपत के बराबर हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट सितंबर तक जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें 167 डॉलर से लेकर 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

सऊदी अरामको और अन्य संस्थाओं के मुख्य आंकड़े

सऊदी अरामको ने इस संकट से निपटने के लिए अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसके अलावा कई वैश्विक संस्थाओं ने बाजार की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट जारी की है जो इस प्रकार है:

संस्था / विभाग मुख्य जानकारी और आंकड़े
सऊदी अरामको पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन 70 लाख बैरल तेल का निर्यात जारी।
गोल्डमैन सैश मध्य पूर्व तनाव से बाजार से 14.5 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन बाहर हुआ।
IEA वैश्विक तेल आपूर्ति 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन गिरकर 97 मिलियन बैरल रह गई।
रयस्टैड एनर्जी दुनिया को अब तक लगभग 60 करोड़ बैरल कच्चे तेल का नुकसान हुआ।
वैश्विक कमी वर्तमान में दुनिया में रोजाना 10 से 13 मिलियन बैरल तेल की कमी है।
भारत सरकार पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से घबराहट में ईंधन जमा न करने की सलाह दी।

क्या इस स्थिति का कोई समाधान निकाला जा रहा है?

सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने बताया कि उनकी 1,200 किलोमीटर लंबी पेट्रोलाइन अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है, जिससे Strait of Hormuz को दरकिनार कर तेल भेजा जा रहा है। हालांकि, यह पूरी दुनिया की मांग को अकेले पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस बीच ईरान की ओर से भी कड़ी चेतावनियां आ रही हैं और 9 मई को एक भारतीय ध्वज वाले जहाज के डूबने की खबर ने समुद्र में तनाव और बढ़ा दिया है। 11 मई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल भंडार पिछले 8 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

तेल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होने की संभावना है?

विशेषज्ञों और गोल्डमैन सैश के अनुसार, यदि Strait of Hormuz सितंबर 2026 तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $167 से लेकर $200 प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं।

सऊदी अरामको तेल सप्लाई को बचाने के लिए क्या कर रहा है?

सऊदी अरामको अपनी 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का पूरी क्षमता से उपयोग कर रहा है, जिससे होर्मुज के रास्ते को छोड़ते हुए रोजाना 70 लाख बैरल तेल का निर्यात किया जा रहा है।

भारत सरकार ने इस संकट पर क्या निर्देश दिए हैं?

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा जोखिमों के कारण खुले कंटेनरों में ईंधन न खरीदें और तेल की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.