सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मीना पैलेस के रॉयल कोर्ट में इस साल हज करने आए विभिन्न देशों के गणमान्य नागरिकों और प्रमुख हस्तियों के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया। 27 और 28 मई 2026 को आयोजित इस वार्षिक समारोह में क्राउन प्रिंस ने किंग सलमान की ओर से सभी को ईद-अल-अधा की बधाई दी। इस आयोजन में सुरक्षा बलों, सरकारी एजेंसियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की गई जिन्होंने हज यात्रियों की सेवा में दिन-रात योगदान दिया।
इस साल हज यात्रा में बने कई बड़े रिकॉर्ड और नए नियम
इस साल हज यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सऊदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिली है।
- रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे यात्री: इस साल 1.7 मिलियन से अधिक लोगों ने हज यात्रा में हिस्सा लिया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 2 प्रतिशत अधिक है।
- मक्का रूट पहल का विस्तार: इस साल मक्का रूट पहल का दायरा बढ़ाया गया जिससे करीब 389,000 यात्रियों को सीधे तौर पर फायदा मिला। इसके तहत यात्रियों ने अपने ही देशों में इमिग्रेशन और कस्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली, जिससे उन्हें सऊदी पहुंचने पर लंबी लाइनों से मुक्ति मिली।
- बिना परमिट हज नहीं अभियान: भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बिना परमिट हज नहीं अभियान को बहुत सख्ती से लागू किया गया था।
सऊदी क्राउन प्रिंस और अधिकारियों ने कही बड़ी बात
समारोह के दौरान देश के शीर्ष नेतृत्व और सुरक्षा अधिकारियों ने हज की सफलता पर अपने विचार साझा किए। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने संबोधन में कहा कि पवित्र मस्जिदों और धार्मिक स्थलों की सेवा करना सऊदी अरब के लिए सबसे बड़ा सम्मान है और यह एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। इसके साथ ही लोक सुरक्षा निदेशक और हज सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बस्सामी ने बताया कि इस साल की सुरक्षा योजनाएं पूरी तरह सफल रहीं, जिससे सुरक्षा और सेवा के मानकों में काफी सुधार देखा गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस साल कितने लोगों ने हज यात्रा में भाग लिया?
इस साल कुल 1.7 मिलियन से अधिक श्रद्धालुओं ने हज यात्रा पूरी की, जो पिछले साल 2025 की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत अधिक है।
मक्का रूट पहल (Makkah Route Initiative) क्या है और इससे कितने लोगों को फायदा हुआ?
इस पहल के तहत यात्री अपने ही देश से इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस साल लगभग 389,000 तीर्थयात्रियों ने इसका लाभ उठाया, जो पिछले साल से 24 प्रतिशत अधिक है।