सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty के बीच क्षेत्रीय घटनाक्रमों को लेकर अहम बातचीत हुई है। दोनों नेता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित एक दो दिवसीय विशेष बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस मीटिंग में तुर्की और पाकिस्तान के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिसका मुख्य मकसद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करना और शांति बहाली के रास्तों पर चर्चा करना है।

ℹ: ईरान और इस्राइल जंग में 280 से ज्यादा छात्रों की मौत, 700 स्कूलों पर हमला, अमेरिका ने भेजे 3500 सैनिक

इस उच्च स्तरीय बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?

यह बैठक इस्लामाबाद में आयोजित की गई है, जिसे एक महत्वपूर्ण चतुर्भुज वार्ता के रूप में देखा जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने वाले मुख्य प्रतिनिधियों की जानकारी नीचे दी गई है:

देश प्रतिनिधि
सऊदी अरब Prince Faisal bin Farhan
मिस्र Dr. Badr Abdelatty
पाकिस्तान Ishaq Dar (उप-प्रधानमंत्री)
तुर्की Hakan Fidan (विदेश मंत्री)

29 मार्च 2026 को शुरू हुई इस बैठक में सभी नेताओं ने ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे हालातों पर अपनी चिंता जाहिर की है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है ताकि क्षेत्र में किसी भी बड़ी अशांति को रोका जा सके।

शांति बहाली और कूटनीति पर क्या बातचीत हुई?

मिस्र के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मुख्य फोकस ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को बढ़ावा देना है। इसके लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मिलकर कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। इस बैठक के दौरान मिस्र के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:

  • क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए संयम बरतना जरूरी है।
  • ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता खोलना ताकि युद्ध की स्थिति न बने।
  • विवादों को सुलझाने के लिए केवल कूटनीति और संवाद का उपयोग करना।
  • सऊदी और मिस्र के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाना।

इससे पहले 25 मार्च को भी सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर इसी विषय पर लंबी चर्चा हुई थी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य क्षेत्र को व्यापक संकट से बचाना और स्थिरता सुनिश्चित करना है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.