ईरान और इस्राइल जंग में 280 से ज्यादा छात्रों की मौत, 700 स्कूलों पर हमला, अमेरिका ने भेजे 3500 सैनिक
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। बीते एक महीने में ईरान के सैकड़ों स्कूलों और कॉलेजों को निशाना बनाया गया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक मारे गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से अब तक शिक्षा के क्षेत्र में भारी नुकसान दर्ज किया गया है।
जंग में अब तक कितना हुआ नुकसान?
ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय के प्रमुख Hossein Sadeghi ने बताया कि US-Israeli हमलों में अब तक बहुत से निर्दोष लोगों की जान गई है। हमलों की वजह से छात्रों के मन में डर का माहौल बना हुआ है। नुकसान की मुख्य जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| विवरण | संख्या / जानकारी |
|---|---|
| मारे गए छात्र और शिक्षक | 281 |
| नुकसान पहुंचे कुल शिक्षा संस्थान | 789 |
| क्षतिग्रस्त स्कूलों की संख्या | 700 |
| प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र | 89 |
ईरान की चेतावनी और अमेरिकी सेना की हलचल
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने साफ कर दिया है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि मिडल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी और इस्राइली यूनिवर्सिटी अब उनके लिए जायज निशाना मानी जाएंगी। यह फैसला तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए हमले के जवाब में लिया गया है। ईरान ने अमेरिका को सोमवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है कि वह इस बमबारी की सार्वजनिक रूप से निंदा करे, वरना हमले का खतरा बना रहेगा।
ताज़ा सैन्य गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- अमेरिका ने मिडल ईस्ट में अपने 3,500 अतिरिक्त Marines सैनिक तैनात किए हैं, जिससे जमीनी युद्ध का अंदेशा बढ़ गया है।
- ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए तैयार है।
- UNICEF और Amnesty International ने स्कूलों पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है।
- US Defense Secretary Pete Hegseth ने आरोप लगाया है कि ईरान स्कूलों का इस्तेमाल मिसाइल दागने के लिए कर रहा है।
- हाल ही में ईरान के एक बंदरगाह शहर पर हुए हमले में 5 लोगों की मौत हुई है।




