सऊदी अरब में हज 2026 को लेकर नियम बहुत कड़े कर दिए गए हैं। हज सिक्योरिटी फोर्सेस ने एक सऊदी नागरिक को तीन रेजिडेंट्स के साथ गिरफ्तार किया है, जो बिना परमिट के मक्का शहर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना आधिकारिक परमिट के हज करना या इसमें मदद करना भारी पड़ेगा।

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मक्का में प्रवेश के लिए क्या हैं नए नियम?

सऊदी सरकार ने 18 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश के लिए सख्त पाबंदी लगा दी है। अब केवल वही लोग शहर में जा सकते हैं जिनके पास Hajj Visa या आधिकारिक परमिट है। विजिट वीज़ा पर आए लोग हज नहीं कर सकेंगे। साथ ही, भीड़ को कम करने के लिए 18 अप्रैल से मई के अंत तक उमराह परमिट भी बंद कर दिए गए हैं। मक्का के निवासियों को भी प्रवेश के लिए परमिट या वहां का रेजिडेंसी आईडी दिखाना होगा।

नियम तोड़ने पर कितना देना होगा जुर्माना?

अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के हज करने की कोशिश करता है, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, अगर कोई नागरिक या रेजिडेंट उन्हें वहां ले जाने या ट्रांसपोर्ट करने में मदद करता है, तो जुर्माना 1 लाख सऊदी रियाल तक जा सकता है। ऐसे मामलों में कोर्ट के आदेश से गाड़ी जब्त की जा सकती है और दोषी को देश से डिपोर्ट कर 10 साल तक का बैन भी लगाया जा सकता है।

प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लिए जरूरी जानकारी

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। बिना परमिट के मक्का की यात्रा करना कानूनी मुसीबत में डाल सकता है और नौकरी या वीज़ा पर असर पड़ सकता है। सरकार का मकसद भीड़ को कंट्रोल करना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए किसी भी तरह की गैर-कानूनी मदद से बचें और केवल आधिकारिक परमिट के साथ ही यात्रा करें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.