Saudi Foreign Minister की जॉर्डन के साथ हुई अहम बैठक, ईरान की हरकतों पर जताया कड़ा एतराज, सुरक्षा को लेकर लिया गया बड़ा फैसला.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Al-Safadi के बीच रियाद में एक अहम मुलाकात हुई है। 6 अप्रैल 2026 को हुई इस बैठक में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने ईरान की तरफ से होने वाले हमलों और इसराइल की नीतियों पर अपनी साझा चिंता जताई है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह अपडेट महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा सीधे तौर पर उड़ानों और काम के माहौल को प्रभावित करती है।
बैठक में किन बड़े मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक के दौरान क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कई अहम मुद्दों पर बात की गई। मंत्रियों ने लेबनान में इसराइली हमलों को रोकने और 27 नवंबर 2024 के युद्धविराम समझौते का पालन करने पर जोर दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। हालिया जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल को भी इंटरसेप्ट किया है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए उठाए गए जरूरी कदम
सऊदी और जॉर्डन ने साझा बयान जारी कर सीरिया की संप्रभुता का समर्थन किया और इसराइल द्वारा वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार की कड़ी निंदा की। बैठक में लिए गए मुख्य फैसले और चर्चा के बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- लेबनान की संप्रभुता बनाए रखने के लिए वहां की सरकार का समर्थन करना।
- ईरान के साथ तनाव को खत्म करने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी की मांग करना।
- जेरूसलम में पवित्र स्थलों की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति का सम्मान करना।
- मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता के लिए साझा सुरक्षा फ्रेमवर्क पर काम करना।
- ईरान द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों और ड्रोन हमलों का सामूहिक रूप से विरोध करना।
इस बैठक में जॉर्डन और सऊदी अरब ने इस बात पर भी सहमति जताई कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इसराइल द्वारा सीरियाई जमीन पर कब्जे और इबादत की आजादी पर रोक लगाने जैसे कदमों को भी गलत बताया गया है।




