सऊदी और कुवैत के विदेश मंत्रियों के बीच हुई फोन पर बात, क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर जताई चिंता.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के बीच 5 अप्रैल 2026 को फोन पर अहम बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य केंद्र मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और उससे पैदा होने वाले खतरे रहे। दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात को देखते हुए आपसी सहयोग और कूटनीतिक तालमेल को और मजबूत करने पर सहमति जताई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है।
क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
5 अप्रैल 2026 को इस्राइली सेना ने ईरान और लेबनान में अपने सैन्य अभियानों के विस्तार की घोषणा की थी। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के 120 से ज्यादा ठिकानों और बेरूत के दक्षिणी उपनगरीय इलाकों में हवाई हमले किए गए। इसके जवाब में ईरान की ओर से भी कुवैत और कतर जैसे देशों के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की खबरें आईं। इन घटनाओं की वजह से खाड़ी के देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इन हमलों को रोकने के लिए प्रस्ताव पारित किया है।
सऊदी और कुवैत की चर्चा में किन बातों पर जोर दिया गया?
- दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
- ईरान द्वारा कुवैत और अन्य खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई।
- संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2817 का समर्थन किया गया जिसमें ईरान से हमले रोकने की मांग की गई है।
- अरब देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने पर चर्चा हुई।
- खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
भारतीय प्रवासियों और आम जनता पर क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं। युद्ध जैसे हालात बनने से उड़ानों के रूट में बदलाव और सुरक्षा जांच बढ़ सकती है। सऊदी और कुवैत सरकार ने साफ किया है कि वे अपने नागरिकों और यहां काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। यूएई और सीरिया जैसे पड़ोसी देश भी आपस में बातचीत कर रहे हैं ताकि इस सैन्य तनाव का असर आम लोगों की रोजी-रोटी और शांति पर न पड़े। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।




