Saudi Arabia Defense Update: सऊदी अरब पहुंचा पाकिस्तान का सैन्य दस्ता, ईरान के हमलों के बाद एक्टिव हुआ डिफेंस समझौता
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बताया कि पाकिस्तान की एक सैन्य टुकड़ी किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंच गई है। यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत की गई है। ईरान की तरफ से हुए हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस समझौते को लागू किया है।
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच क्या है यह रक्षा समझौता?
सऊदी अरब और पाकिस्तान ने 17 सितंबर 2025 को रियाद में एक रणनीतिक आपसी रक्षा समझौता (SMDA) साइन किया था। इस समझौते की मुख्य शर्त यह है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। ईरान ने रस तनुरा और प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले किए थे, जिसके बाद 7 मार्च 2026 को सऊदी अरब ने इस समझौते को सक्रिय कर दिया था।
पाकिस्तान से कौन से सैन्य संसाधन पहुंचे सऊदी अरब?
ताज़ा अपडेट के मुताबिक, 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान वायु सेना के दो Il-78MP टैंकर और तीन C-130H ट्रांसपोर्ट विमान किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर उतरे। इनमें से एक टैंकर विमान को बहरीन के पास पूर्वी खाड़ी में लड़ाकू विमानों को ईंधन भरने के काम में देखा गया। इसके अलावा, पाकिस्तान पहले ही LY-80 सरफेस-टू-एयर मिसाइल बैटरी और FM-90 डिफेंस सिस्टम भी सऊदी अरब भेज चुका है।
पाकिस्तान की भूमिका और मौजूदा हालात क्या हैं?
पाकिस्तान इस समय एक मुश्किल स्थिति में है क्योंकि वह एक तरफ सऊदी अरब की सैन्य मदद कर रहा है और दूसरी तरफ इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम वार्ता की मेजबानी कर रहा है। यह तैनाती जनवरी 2026 में हुए ‘Spears of Victory’ अभ्यास से अलग है, क्योंकि इस बार सेना की तैनाती वास्तविक खतरों और रक्षा संधि के कारण की गई है।



