7 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का फोन आया। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर गंभीरता से चर्चा की। पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है।

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इस बातचीत के दौरान किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और हालिया घटनाओं पर ध्यान केंद्रित किया। पाकिस्तान की तरफ से सऊदी अरब के जुबैल औद्योगिक शहर में एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गई। पाकिस्तान ने इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। इस दौरान पाकिस्तान ने साफ किया कि वह मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सहयोग के अहम बिंदु:

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात कर एकजुटता जताई।
  • पाकिस्तान ने सऊदी तेल सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
  • प्रधानमंत्री शरीफ ने क्राउन प्रिंस को मिडिल ईस्ट संकट को कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों की जानकारी दी।
  • सऊदी क्राउन प्रिंस ने पाकिस्तान के इन प्रयासों और सहयोग की सराहना की है।
  • दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भविष्य में भी आपसी समन्वय जारी रखने का वादा किया।

सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों को लेकर चिंता जताई और शांति की अपील की। इशाक डार ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं शांति प्रयासों को और ज्यादा मुश्किल बना रही हैं।