अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, बुशहर में नाव बनाने वाला कॉम्प्लेक्स किया तबाह, समुद्री ताकत को लगी चोट
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब हिंसक मोड़ ले चुका है। ताज़ा जानकारी के अनुसार अमेरिका ने ईरान के बुशहर में मौजूद उस कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह तबाह करने का ऐलान किया है जहां समुद्री नावें बनाई और उनकी मरम्मत की जाती थी। यह कार्रवाई 7 अप्रैल 2026 को हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए अल्टीमेटम के बाद अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
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हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सेना ने बुशहर के अलावा ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर भी 50 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के रक्षा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। इजरायली सेना ने भी ईरान के आठ प्रमुख पुलों को निशाना बनाया है ताकि हथियारों का परिवहन रोका जा सके। इन हमलों से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- शिराज और कराज में उन ठिकानों को नष्ट किया गया है जो पनडुब्बी बनाने में इस्तेमाल होते थे।
- ईरान की समुद्री पहचान और रक्षा क्षमताओं को कमज़ोर करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम वाले केंद्रों पर हमले हुए।
- बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी पिछले कुछ दिनों में हमले दर्ज किए गए हैं।
- खार्ग आइलैंड पर हमलों के दौरान तेल संपत्तियों को निशाना नहीं बनाने की बात कही गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रही है चर्चा
इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने गहरी चिंता जताई है। एजेंसी का कहना है कि परमाणु ठिकानों या उनके आस-पास के क्षेत्रों पर कभी भी हमला नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे रेडियोधर्मी प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। दूसरी तरफ पाकिस्तान इस पूरे मामले में शांति स्थापित करने और युद्धविराम कराने के लिए कूटनीतिक कोशिशों में जुटा हुआ है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को न खोलने के फैसले के बाद ली गई है।




