सऊदी अरब: रमजान में मस्जिदों के लिए नए नियम लागू, नमाज़ के लिए बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा
सऊदी अरब के इस्लामी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Islamic Affairs) ने रमजान के लिए मस्जिदों में कुछ नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के मुताबिक, मस्जिदें रमजान के दौरान नमाज़ के लिए बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। मंत्रालय ने बताया है कि बाहरी लाउडस्पीकर का उपयोग केवल अज़ान (नमाज़ के लिए बुलावा) और इक़ामत (नमाज़ शुरू होने से पहले की घोषणा) के लिए ही किया जा सकेगा। यह निर्देश इमामों, मुअज़्ज़िनों और मस्जिद के कर्मचारियों पर पूरे किंगडम में लागू होता है।
रमजान में मस्जिदों के लिए क्या हैं मुख्य प्रतिबंध?
इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने रमजान के लिए मस्जिदों में कई प्रतिबंध लगाए हैं। यहाँ कुछ मुख्य बातें बताई गई हैं:
- नमाज़ के लिए बाहरी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा।
- नमाज़ का किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण या ट्रांसमिशन नहीं होगा।
- नमाज़ के दौरान नमाज़ियों या इमामों की तस्वीरें लेना या वीडियो बनाना मना है।
नमाज़ के समय और अन्य व्यवस्थाओं पर क्या निर्देश हैं?
मंत्रालय ने नमाज़ के समय और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- नमाज़ के समय के लिए Umm Al Qura कैलेंडर का पालन करना होगा।
- इशा और फज्र की अज़ान और जमात की नमाज़ शुरू होने के बीच 15 मिनट का तय समय अंतराल रखना होगा।
इफ्तार और दान को लेकर क्या गाइडलाइंस हैं?
इफ्तार कार्यक्रमों और दान इकट्ठा करने के तरीकों पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं:
- इफ्तार कार्यक्रमों के लिए नकद दान (Cash Donations) इकट्ठा करना मना है।
- इफ्तार का आयोजन केवल मस्जिद के तयशुदा आंगनों में ही किया जा सकेगा और यह मस्जिद के कर्मचारियों की देखरेख में होगा।
- मस्जिदों के अंदर भीख मांगना पूरी तरह से मना है।
बच्चों और फोटोग्राफी पर क्या नियम हैं?
मंत्रालय ने नमाज़ियों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को मस्जिदों में न लाएं ताकि दूसरे नमाज़ियों को कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, नमाज़ियों या इमामों की तस्वीरें लेने या वीडियो बनाने के लिए निगरानी कैमरों का इस्तेमाल भी मना है।
Last Updated: 22 January 2026




