Saudi-Syria Digital Deal: सऊदी अरब और सीरिया मिलकर बिछाएंगे फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, 3 अरब रियाल का होगा खर्च
सीरिया और सऊदी अरब अब डिजिटल दुनिया में एक साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। सीरिया के विदेश मंत्री ने 14 अप्रैल 2026 को बताया कि दोनों देश क्षेत्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और डेटा सेवाओं को बेहतर बनाना है ताकि पूरा क्षेत्र डिजिटल रूप से जुड़ सके।
SilkLink प्रोजेक्ट क्या है और इसमें कितना पैसा लगेगा?
सऊदी अरब की STC Group इस बड़े प्रोजेक्ट को लागू करेगी जिसे SilkLink नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट में करीब 1 अरब डॉलर यानी 3 अरब सऊदी रियाल का निवेश किया जाएगा। यह काम दो चरणों में होगा और इसे पूरा होने में 18 से 24 महीने का समय लगेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 4,500 किलोमीटर लंबा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बिछाया जाएगा जिससे इंटरनेट की स्पीड और क्वालिटी बढ़ेगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश | 1 अरब डॉलर (करीब 3 अरब रियाल) |
| नेटवर्क की लंबाई | 4,500 किलोमीटर से ज्यादा |
| मुख्य कंपनी | STC Group (सऊदी अरब) |
| सीरिया की हिस्सेदारी | 25% (सॉवरेन फंड के जरिए) |
| समय सीमा | 18 से 24 महीने |
इस समझौते से आम लोगों और क्षेत्र को क्या फायदे होंगे?
इस डील से सीरिया एक अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन हब बन जाएगा, जिससे वहां डेटा सेंटर और सबमरीन केबल स्टेशन बनेंगे। सऊदी अरब अपनी Elaf Investment Fund के जरिए सीरिया की रिकवरी और स्थिरता में मदद कर रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच बैंकिंग लेन-देन के रास्तों को भी फिर से शुरू किया गया है। सऊदी अरब का लक्ष्य खुद को एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाले एक मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
डिजिटल नेटवर्क के अलावा और क्या योजनाएं हैं?
दोनों देशों के बीच सिर्फ इंटरनेट ही नहीं, बल्कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई है। सऊदी अरब और सीरिया के बीच सामान की आवाजाही आसान करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। इस योजना में जॉर्डन को एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सऊदी अरब और सीरिया के बीच रेल लिंक बनाया जा सके और यूरोप तक व्यापार करना आसान हो जाए।




